ऑस्ट्रेलिया ने पांचवां टेस्ट छह विकेट से जीतकर एक दशक बाद बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी पर कब्जा किया
सिडनी । ऑस्ट्रेलिया ने यहां पांचवे और अंतिम क्रिकेट टेस्ट मैच में भारतीय टीम को 6 विकेट से हराकर पांच मैचों की बॉडर गावस्कर सीरीज 3-1 से जीत ली है। एक दशक बाद मेजबान टीम बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी जीतने में सफल हुई है। इसी के साथ ही जहां ऑस्ट्रेलियाई टीम दक्षिण अफ्रीका के साथ आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्लयूटीसी) 2025 के खिताबी मुकाबले में पहुंच गयी है। वहीं भारतीय टीम बाहर हो गयी है। इस मैच में कप्तान रोहित शर्मा के बाहर रहने पर जसप्रीत बुमराह की कप्तानी में उतरी भारतीय टीम एक बार फिर बल्लेबाजी में विफल रहने के कारण मैच हार गयी। मैच के तीसरे ही दिन के दूसरे सत्र में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने जीत के लिए मिले 162 रनों के लक्ष्य को चार विकेट के नुकसान पर ही हासिल कर लिया। इस प्रकार ऑस्ट्रेलिया ने बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी एक दशक के बाद 3-1 से जीतते हुए विश्व टेस्ट चैम्पियनशिनप के लिए क्वालीफाई किया है। अब वह लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर 11 जून से दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ डब्लयूटीसी फाइनल में उतरेगी।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरी पारी में तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने बुमराह के कमर दर्द के कारण बाहर होने पर 3 विकेट लिए पर वह मेजबान टीम को रोक नहीं पाये। 162 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 4 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। इस मैच में ट्रेविस हेड ने 38 गेंदों में 4 चौके के बल पर नाबाद 34 रन बनाये जबकि ब्यू वेबस्टर ने 34 गेंदों में 6 चौके लगाकर नाबाद 39 रन बनाकर भारतीय गेंदबाजों को कोई अवसर नहीं दिया।
भारतीय गेंदबाजों ने सुबह के सत्र में तीन विकेट लिए पर छोटे लक्ष्य का बचाव वह नहीं कर पाये। मोहम्मद सिराज ने लगातार पैड पर गेंदबाजी की जिससे मेजबान टीम ने आसानी से रन बनाए। सेम कोंस्टास ने तेजी से रन बनाये पर कृष्णा की गेंद पर मिड ऑफ पर वाशिंगटन सुंदर के हाथों कैच हुए। कृष्णा ने इसके बाद अपनी लाइन और लेंथ से लाबुशेन को परेशान किया। को आसान कैच थमाया। स्मिथ को कृष्णा की गेंद पर यशस्वी जायसवाल ने कैच किया। इस तरह से कृष्णा ने सलामी बल्लेबाज सैम कोंस्टास 22, मार्नस लाबुशेन 06 और स्टीव स्मिथ 04 को पेवेलियन भेज दिया पर बुमराह के नहीं होने से भारतीय टीम को नुकसान हुआ। नीतीश कुमार रेड्डी और वाशिंगटन सुंदर ज्यादा प्रभावी नहीं रहे। भारत इससे पहले 2014 में बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी हारी थी। उसके बाद से लगातार उसने 4 बार सीरीज अपने नाम की, जिसमें से दो बार ऑस्ट्रेलियाई मैदान पर उसने इतिहास रचा था।
वहीं इससे पहले स्कॉट बोलैंड ने छह विकेट और कप्तान पैट कमिंस ने 44 रन पर तीन विकेट लेकर दूसरी पारी में भारतीय टीम को 39.5 ओवर में केवल 157 रन पर ही समेट दिया। केवल ऋषभ पंत ही 61 और सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ही 22 रन बना पाये अन्य बल्लेबाज विफल रहे। भारतीय टीम ने पहले पारी में 185 जबकि दूसरी पारी में 157 रन बनाये वहीं मेजबान टीम ने 181 और चार विकेट पर 162 रन बनाकर मैच जीत लिया।
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