घर में कहां और किस रंग के लगाएं पर्दे, जीवन पर क्या पड़ता प्रभाव, जानें क्या कहता वास्तुशास्त्र
वास्तुशास्त्र में घर की हर वस्तु का सही दिशा में होना बहुत जरुरी है. क्योंकि इनका सही जगह होना हमारे घर के वातावरण को पॉजिटिव बनाने में हमारी मदद करता है. इसी के साथ आपको बता दें कि पॉजिटिव वाइब्स को अट्रैक्ट करने के लिए घर में लगे पर्दे भी काफी जिम्मेदार होते हैं. पर्दे के रंग, डिजाइन, दिशा व और भी कई चीजें हैं जिन्हें ध्यान में रख जा सकता है.
वास्तु शास्त्र के मुताबिक घर में पर्दे लगाने की दिशा को लेकर कई तरह के नियम बताए गए हैं, जिन्हें मानने से व्यक्ति अपने घर का माहौल सकारात्मक बना सकता है. इसलिए पर्दें की दिशा के अलावा उसके रंग पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए, क्योंकि पर्दे के अलग-अलग रंग व्यक्ति को आने वाले जीवन के लिए शुभता ला सकते हैं.
किस दिशा में लगाएं घर के पर्दे
वास्तु के अनुसार, घर में पर्दे लगाने की सही दिशा बहुत आवश्यक हैं. ज्योतिषाचार्य व वास्तु सलाहकार डॉ अरविंद पचौरी बताते हैं कि, पर्दों की दिशा हमेशा पूर्वी, दक्षिण, पश्चिम, उत्तर और ईशान कोण में लगाना बहुत शुभ माना जाता है. इससे उनके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. बता दें कि घर में पर्दों की दिशा के साथ-साथ पर्दों का रंग भी मायने रखता है. तो आइए विस्तार से जानते हैं किस दिशा में कौन से रंग के पर्दे लगाने से क्या लाभ होता है.
1. हरे रंग के परदे
वास्तु के अनुसार, घर के पूर्वी दिशा में हरे रंग के पर्दे लगाना अच्छा माना जाता है. ऐसा करने से व्यक्ति को पैरों की समस्या से निजात मिल जाता है.
2. लाल रंग के पर्दे
वास्तु के अनुसार, घर की दक्षिण दिशा में लाल रंग या फिर किसी गहरे रंग के पर्दे लगाना शुभ माना जाता है, अगर आप ऐसा करते हैं तो परिवार के सदस्यों के बीच प्यार बना रहता है और घर में शांति भी रहती है.
3. नीले रंग के पर्दे
वास्तुशास्त्र में बताया गया है कि, घर के पश्चिम दिशा में सफेद रंग के पर्दे लगाना फायदेमंद होता है. इससे जीवन में सकारात्कता आती है और सुख-समृद्धि के साथ शांति बनी रहती है.
4. स्काई ब्लू व सफेद रंग के पर्दे
अगर आप घर की दिशा में स्काई ब्लू या सफेद रंग के पर्दे लगाते हैं तो इससे पूरा घर परिवार हंसी-खुशी साथ रहता है, इसके साथ ही आपको कर्ज से मुक्ति भी मिलती है.
5. हल्के रंग के पर्दे
ईशान कोण में हल्के रंग के पर्दे लगाने से व्यक्ति का जीवन स्वस्थ्य रहते हैं. इसके साथ ही माता-पिता के शरीर से जुड़ी सारी बिमारियां दूर हो जाती है.
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