21 दिन बाद सूर्य के मेष राशि में गोचर संग खत्म होगा खरमास, शुरू हो जाएंगे मांगलिक कार्य, 2 महीना खूब बजेगी शहनाई
पिछले 1 महीने से सभी मांगलिक कार्यों पर विराम लगा हुआ है. ऐसा इसलिए, क्योंकि खरमास का महीना जो चल रहा है. हिन्दू धर्म में पूरे खरमास में कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य निषेध माने जाते हैं. हालांकि, आज से ठीक 21 दिन बाद खरमास का समापन हो रहा है. इस दिन सूर्य मेष राशि में गोचर करेंगे. ऐसा होने से शहनाई की मधुर ध्वनि फिजाओं में घुलने लगेगी. बैंड-बाजों के शोर के साथ वर यात्राएं सड़कों पर नजर आने लगेंगी. ज्योतिष आचार्यों की मानें तो, गुरु ग्रह के 23 मार्च से ही उदय होने से 14 अप्रैल से 9 जून तक विवाह के लिए श्रेष्ठ मुहूर्त होंगे. अब सवाल है कि आखिर खरमास में क्यों नहीं होते मांगलिक कार्य? कब खत्म हो रहा खरमास महीना?
खरमास में क्यों नहीं होते मांगलिक कार्य
खरमास में मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं, क्योंकि इस दौरान सूर्य देव की ऊर्जा कमजोर मानी जाती है, जो शुभ कार्यों के लिए आवश्यक होती है. ज्योतिष शास्त्र में गुरु ग्रह को भाग्य के कारक में रूप जोड़कर देखा जाता है. ऐसे में अगर खरमास में शुभ और मांगलिक काम किए जाते हैं, तो उसका शुभ फल प्राप्त नहीं होता. इसी वजह से खरमास में शुभ और मांगलिक पर रोक लग जाती है.
2025 में खरमास कब से कब तक चलेगा
ज्योतिष आचार्यों की माने तो, खरमास का महीना पूरे एक महीने तक रहता है. इस बार खरमास 14 मार्च 2025 से शुरू हुआ था, जब सूर्य मीन राशि में गए थे और 13 अप्रैल 2025 को खरमास का समापन होगा. इसके बाद सभी मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे.
14 अप्रैल से 9 जून तक विवाह का श्रेष्ठ मुहूर्त
14 अप्रैल से लेकर नौ जून तक विवाह के लिए श्रेष्ठ मुहूर्त हैं. देवश्यानी एकादशी से 27 दिन पहले नौ जून को गुरु के अस्त होने के कारण इस बार पांच माह के लिए विवाह समारोह में विराम लग जाएगा. ज्योतिषाचार्य की मानें तो सनातन धर्म में कोई भी कार्य बिना शुभ मुहूर्त जाने नहीं किया जाता है.
6 जुलाई को देवशयनी एकादशी
6 जुलाई को देवशयनी एकादशी के बाद देव चार माह के लिए श्रीहरि क्षीरसागर में विश्राम करने चले जाते हैं. उसके पश्चात दो नवंबर को देवउठनी एकादशी पर फिर से विवाह आदि मांगलिक कार्य प्रारंभ होंगे.
साल 2025 में अप्रैल से दिसंबर तक विवाह मुहूर्त
अप्रैल के मुहूर्त: 14, 16, 18, 19, 20, 21, 25, 29 और 30 अप्रैल में कुल नौ शादी के मुहूर्त हैं.
मई के मुहूर्त: 1, 5, 6, 8, 10, 14, 15, 16, 17, 18, 22, 23, 24, 27 और 28 मई को विवाह के शुभ मुहूर्त हैं.
जून के मुहूर्त: 2, 4, 5, 7 और 8 जून को विवाह के शुभ मुहूर्त हैं.
नवंबर के मुहूर्त: 2, 3, 6, 8, 12, 13, 16, 17, 18, 21, 22, 23, 25 और 30 नवंबर को शादी के शुभ मुहूर्त हैं.
दिसंबर के मुहूर्त: 4, 5 और 6 दिसंबर को विवाह के शुभ मुहूर्त हैं.
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