सट्टेबाजी पर ED का शिकंजा: हरभजन, सोनू सूद और उर्वशी रौतेला हुए तलब, फिल्म और क्रिकेट जगत में हड़कंप
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म्स की जांच को तेज करते हुए अब पूर्व क्रिकेटरों और फिल्मी हस्तियों की ओर से किए गए प्रचारों की जांच कर रही है. एनडीटीवी प्रॉफिट की एक रिपोर्ट के अनुसार, 1xBet, FairPlay, Parimatch और Lotus365 जैसे प्रतिबंधित सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म के प्रचार से जुड़े मामले में ईडी ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह, सुरेश रैना, युवराज सिंह के साथ-साथ अभिनेता सोनू सूद और उर्वशी रौतेला से पूछताछ की है. ईडी के मुताबिक, सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म्स से हर साल लगभग 27,000 करोड़ रुपये का घपला होता है.
क्या है मामला ?
ईडी के एक अधिकारी के हवाले से बताया गया कि ये सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म 1xbat और 1xbat sporting lines जैसे फर्जी नामों का उपयोग कर विज्ञापन अभियान चला रहे हैं. इन ऐड्स में अक्सर क्यूआर कोड शामिल होते हैं, जो यूजर्स को सट्टेबाजी साइट्स पर ले जाते हैं, जो भारतीय कानून का खुला उल्लंघन है. कुछ हस्तियों को नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि अन्य को अभी नोटिस मिलना बाकी है. रिपोर्ट में कहा गया कि ये प्लेटफॉर्म खुद को कौशल-आधारित गेमिंग प्लेटफॉर्म के रूप में पेश करते हैं, लेकिन वास्तव में ये भाग्य-आधारित परिणामों पर काम करते हैं और रिग्ड एल्गोरिदम का उपयोग करते हैं, जो इन्हें भारतीय कानून के तहत जुआ माना जाता है.
शुरुआती जांच में पता चला कि इन प्रचारों से सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम, विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा), मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (पीएमएलए) और बेनामी लेनदेन अधिनियम जैसे कई भारतीय कानूनों का उल्लंघन हुआ है. इसके अलावा ये प्रचार सूचना और प्रसारण मंत्रालय तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर जारी निर्देशों का उल्लंघन करते हैं.
ईडी की कार्रवाई
हाल ही में ईडी ने 760 से अधिक ‘म्यूल’ बैंक खातों को फ्रीज किया और एक दर्जन क्रेडिट व डेबिट कार्ड्स को जब्त किया. आईपीएल और टी20 क्रिकेट विश्व कप मैचों में अवैध सट्टेबाजी और जुए के रैकेट के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत दो लोगों को गिरफ्तार भी किया गया. इससे पहले मार्च 2025 में, तेलुगु फिल्म उद्योग के अभिनेताओं राणा दग्गुबाती, प्रकाश राज, विजय देवरकोंडा, मंचु लक्ष्मी और निधि अग्रवाल पर सट्टेबाजी ऐप्स के प्रचार के आरोप में मामला दर्ज किया गया था.
ईडी के अनुमान के अनुसार, अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी बाजार वर्तमान में 100 अरब डॉलर का है, जो प्रतिवर्ष 30 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है. जनवरी 2025 से मार्च 2025 के बीच इन प्लेटफॉर्म्स पर 1.6 अरब से अधिक विजिट्स दर्ज की गईं. इन मंचों से होने वाली कर चोरी लगभग 27,000 करोड़ रुपये प्रति वर्ष होने का अनुमान है.
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