एफपीआई ने अगस्त में 21,000 करोड़ की निकासी की
नई दिल्ली । अगस्त 2025 के पहले पखवाड़े में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने भारतीय शेयर बाजार से करीब 20,975 करोड़ रुपए की निकासी की है। डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार, इससे 2025 में एफपीआई की कुल निकासी 1.16 लाख करोड़ तक पहुंच गई है। यह निकासी वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, अमेरिकी डॉलर की मजबूती, कंपनियों के कमजोर तिमाही नतीजों और रुपये में गिरावट के कारण हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका और अन्य विकसित अर्थव्यवस्थाओं में ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता ने उभरते बाजारों, विशेष रूप से भारत जैसे देशों में निवेश के प्रति एफपीआई की धारणा को प्रभावित किया है। इसके अलावा डॉलर की मजबूती से रुपये पर दबाव बढ़ा है, जिससे विदेशी निवेश और भी कम आकर्षक हो गया है। बाजार के जानकारों ने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक नीतियों में बदलाव के कारण निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं। वहीं, कंपनियों के अनुमान से कमजोर तिमाही परिणाम और शेयरों का ऊंचा मूल्यांकन भी बिकवाली की प्रमुख वजहें हैं। हालांकि कुछ सकारात्मक संकेत भी हैं। अमेरिका-भारत व्यापार तनाव में कमी और अमेरिका द्वारा प्रस्तावित 25 फीसदी अतिरिक्त शुल्क को 27 अगस्त के बाद टालने की संभावना से निवेशकों को राहत मिल सकती है।
राशिफल 03 मई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
गुजरात सड़क हादसा: बस पलटने से दो लोगों की जान गई
Counting Center Row: सिब्बल ने TMC की धमकी पर जताया विरोध
बंगाल चुनाव 2026: 200 पार सीटों के साथ जीत का ममता का भरोसा
ईरान और अमेरिका के तनाव के बीच समुद्री सुरक्षा पर सवाल
अमित शाह से मिलेंगे सीएम, बिहार मंत्रिमंडल पर होगी बड़ी चर्चा
पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा, सैन्य बयान से हलचल तेज
मुरैना में अपराधियों का तांडव, घर पर फायरिंग की घटना
1.60 लाख करोड़ के बीमा लाभ से बिजली कर्मियों को बड़ा सहारा