आत्मसमर्पित नक्सलियों ने समाज की मुख्यधारा से जुड़कर रोपे हरियाली के बीज
सुकमा जिले के पुलिस लाइन परिसर में आत्मसमर्पित नक्सलियों ने जीवन की नई शुरुआत का संदेश देते हुए पौधारोपण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण एवं डीएफओ अक्षय दिनकर भोंसले की उपस्थिति में आत्मसमर्पित नक्सलियों ने 110 पौधे लगाए।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने आत्मसमर्पित नक्सलियों को समझाया कि ’’एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान के तहत लगाया गया हर पौधा न केवल पर्यावरण संरक्षण में योगदान देगा, बल्कि यह जीवन में नई उम्मीद और जिम्मेदारी का प्रतीक भी है।
आत्मसमर्पित नक्सली मुचाकी हिड़मा ने कहा कि मैंने कुछ दिनों पहले आत्मसमर्पण किया है। नक्सली संगठन में शामिल होकर वर्षों तक परिवार से दूर रहकर परेशानियां झेलनी पड़ीं, लेकिन अब सरकार की नीतियों से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण करने के बाद सुकून मिल रहा है। आज मां के नाम एक पेड़ लगाकर मैंने जिंदगी की नई शुरुआत की है।
इस अवसर पर एसपी किरण चव्हाण ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा में जोड़ने और उन्हें सकारात्मक दिशा देने का प्रयास जारी है। उन्होंने कहा कि जिन हाथों में कभी हथियार थे, अब वही हाथ समाज और पर्यावरण के संरक्षण के लिए पौधे लगा रहे हैं। यह बदलाव जिले के लिए प्रेरणादायी है। पौधारोपण कार्यक्रम में एएसपी अभिषेक वर्मा, डीएसपी के.के. बाजपेई, डीएसपी मोनिका श्याम, डीएसपी शिवानंद तिवारी, रक्षक केंद्र प्रभारी और सूबेदार भी उपस्थित रहे।
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