‘बिजली बिल हाफ योजना’ में बदलाव, उपभोक्ताओं को अब भरना होगा पूरा बिल
रायपुर : प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को इस सितंबर से बड़ा झटका लगने वाला है। बीते 6 साल से मिल रही 400 यूनिट तक की बिजली पर 50 प्रतिशत की सब्सिडी अब खत्म हो चुकी है। राज्य सरकार ने एक अगस्त से ''बिजली बिल हाफ'' योजना में बदलाव कर दिया है, जिसका सीधा असर सितंबर में आने वाले बिल पर दिखेगा। अब केवल 100 यूनिट या उससे कम खपत वाले उपभोक्ताओं को ही 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी।
यह बदलाव उन घरेलू उपभोक्ताओं के लिए मासिक बजट बिगाड़ सकता है, जो पहले 400 यूनिट तक की खपत पर 558 रुपये से 1223 रुपये तक की बचत कर रहे थे। एक अगस्त से योजना बंद होने के बाद उन्हें पहले से दोगुना बिल चुकाना पड़ सकता है, जिसका सबसे ज्यादा असर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ेगा।
बढ़ी हुई खपत: अगस्त की उमस भरी गर्मी से राहत पाने के लिए लोगों ने जमकर कूलर और एसी का इस्तेमाल किया, जिससे बिजली की खपत बढ़ गई।
बढ़ी हुई दरें: राज्य सरकार ने एक जुलाई से बिजली की दरों में भी वृद्धि कर दी है, जिससे उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट पहले से अधिक पैसे चुकाने पड़ेंगे।
सब्सिडी में कटौती: सबसे बड़ा झटका ''बिजली बिल हाफ'' योजना का दायरा कम होना है। अब 400 यूनिट की बजाय सिर्फ 100 यूनिट तक ही छूट मिलेगी।
गौरतलब है कि राज्य की पिछली भूपेश बघेल सरकार बिजली उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाने के लिए बिजली बिल हाफ योजना लेकर आयी थी। जिसके तहत राज्य में 400 युनिट तक उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं के बिल को आधा किया कर दिया था। लेकिन साय सरकार में इस योजना में बदलाव कर दिया गया। बिजली कंपनियों का कहना है कि इस योजना के कारण उन्हें नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
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