दिवाली की रात चुपचाप गमले में डाल दें यह 2 रुपए वाली चीज, समृद्धि और सौभाग्य से जुड़ा है यह रहस्य
20 अक्टूबर को दीपावली का महापर्व मनाया जाएगा और इस दिन गणेश-लक्ष्मी पूजन किया जाता है. दीपावली का पर्व अमावस्या की रात को मनाया जाता है और इस दिन तंत्र-मंत्र संबंधित चीजें ज्यादा की जाती हैं. दीपावली की रात जब जलते दीप अंधकार मिटाते हैं तो ठीक उसी समय कुछ घरों में एक और परंपरा निभाई जाती है. दीपावली की रात लक्ष्मी पूजन के बाद मिट्टी के गमले में धनिया के बीज डाले जाते हैं. देखने में साधारण लगने वाली यह रस्म वास्तव में समृद्धि से जुड़ी एक गहरी परंपरा है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, धनिया समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक और यह धन व लाभ को आकर्षित करता है इसलिए दिवाली की रात गमले में धनिया डालने की प्रथा है.
धन और सौभाग्य बढ़ता धनिया
धनिया शब्द ही संस्कृत के धान्यकम् से बना है, जिसका अर्थ ही है अनाज या फसल. चिकित्सा ग्रंथों में इसे अन्न, औषधि और शुभता का प्रतीक माना गया है. धनतेरस के दिन जब लोग नया बर्तन, सोना या झाड़ू खरीदते हैं, उसी दिन धनिया दाना भी खरीदा जाता है. कहा जाता है जैसे धनिया अंकुरित होता है, वैसे ही घर में धन और सौभाग्य बढ़ता है. बीज बोना, विशेषकर शुभ मुहूर्त में जीवन में नई शुरुआत और निरंतरता का प्रतीक है.
धनिया डालना एक प्रतीकात्मक कर्म
दिवाली की रात देवी लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा के बाद गमले में धनिया डालना एक प्रतीकात्मक कर्म है. मिट्टी धरती मां का प्रतीक है तो बीज संभावना का और अंकुरण उन्नति और शुभ फल का संकेत देता है. इस कर्म को करने से व्यक्ति अपने घर में अन्न, धन और स्वास्थ्य की निरंतरता की कामना करता है. लोकश्रुति के अनुसार जो व्यक्ति दीवाली की रात गमले में धनिया डालकर अगले सुबह जल अर्पित करता है, उसके घर पर धन की धारा बनी रहती है.
धनिया स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा
यह परंपरा सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि पर्यावरणीय दृष्टि से भी सुंदर है. धनिया एक औषधीय पौधा है. यह हवा शुद्ध करता है, शरीर को ठंडक देता है और भोजन का स्वाद बढ़ाता है. मौसम तेजी से बदल रहा है. बदलाव का असर हमारे पाचनतंत्र पर पड़ता है और ऐसे वक्त में ही धनिया की कीमत का अंदाजा लगाया जाता है. धनिया प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्युनिटी) को मजबूत करने, मौसमी बीमारियों से बचाव , पाचन को बेहतर बनाने और त्वचा के लिए लाभकारी होता है. इसमें विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट और अन्य पोषक तत्व संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं और शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकाल फेंकते हैं.
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