झाबुआ में हीरोपंती के चक्कर में युवक ने मुंह में फोड़ा सुतली बम, चहरे के उड़े चिथड़े
झाबुआ: पेटलावद उपखंड के ग्राम बाछी खेड़ा से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है. यहां एक युवक ने सोशल मीडिया पर स्टंट दिखाने के चक्कर में अपनी ही जान जोखिम में डाल दी. युवक ने कुछ ऐसा किया जिसे जानकर आपकी भी रूह कांप जाएगी. युवक ने अपने ही मुंह में सुतली बम रखकर जला दिया. जिससे उसके मुंह में ही सुतली बम फट गया और युवक का चेहरा बुरी तरह झुलस गया और मुंह के चिथड़े उड़ गए.
मुंह में रखकर फोड़ा सुतली बम
जानकारी के अनुसार घायल युवक की पहचान बाछी खेड़ा निवासी रोहित, पिता संजू सोलंकी के रूप में हुई है. उसकी उम्र करीब 18 साल बताई जा रही है. बताया जा रहा है कि युवक सोशल मीडिया पर ट्रेंड फॉलो करने या नया ट्रेंड शुरू करने की कोशिश कर रहा था. इस दौरान उसने स्टंट करते हुए रस्सी बम (सुतली बम) मुंह में रख लिया और उसे जलाकर फोड़ दिया.
गंभीर अवस्था में किया रतलाम रेफर
धमाका इतना तेज था कि मौके पर मौजूद लोग सन्न रह गए. धमाके के तुरंत बाद रोहित का चेहरा लहूलुहान हो गया और वहीं जमीन पर गिर पड़ा. आसपास के लोगों ने उसे तुरंत पेटलावद अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है. डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे रतलाम रेफर कर दिया. घटना की सूचना मिलने पर पेटलावद पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर मामले की जानकारी ली और पंचनामा तैयार किया.
दिखाने के चक्कर में जानलेवा हरकत
ग्रामीणों का कहना है कि युवक का यह कदम पूरी तरह लापरवाही और दिखावे का नतीजा है. आजकल कुछ युवा सोशल मीडिया पर लाइक और फॉलोअर्स पाने के चक्कर में जानलेवा हरकत करने लगे हैं. यह घटना उनके लिए सबक है. लोगों को ऐसे दिखावे से बचना चाहिए. वहीं, कुछ अन्य लोगों ने कहा कि ऐसी घटनाएं न केवल समाज के लिए शर्मनाक हैं, बल्कि युवाओं के भविष्य के लिए भी चेतावनी हैं.
फूलों की खुशबू से महकी किस्मत ईश्वरचरण पैकरा का
मध्यप्रदेश की ‘बाग प्रिंट’ कला को पेरिस में मिलेगा वैश्विक मंच
सिलफिली की मालती बनीं ‘लखपति दीदी‘, अपने साथ-साथ 14 महिलाओं को दिया रोजगार
राज्यपाल डेका ने खैरागढ़ विश्वविद्यालय की नई बस को दिखाई हरी झंडी
एमपी बोर्ड परीक्षाओं में सांदीपनि विद्यालयों के 58 विद्यार्थी मेरिट में
सीएम मोहन यादव का बड़ा कदम, किसानों को मिलेगा 4 गुना मुआवजा
नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने पेड नेगेटिव PR पर जताई चिंता, बोले— “ये क्रिएटिविटी के लिए बुरा समय”