वैज्ञानिक खेती से भूखनलाल सोंचे की आर्थिक स्थिति में आया बड़ा सुधार
रायपुर : खेती के आधुनिक तकनीक को अपनाकर अब फसलों से अधिक अनाज का उत्पादन कर रहे है। मुुंगेली जिले के विकासखंड पथरिया अंतर्गत ग्राम टिकैतपेण्ड्री निवासी किसान भूखनलाल सोंचे जिले के उन प्रगतिशील किसानों में शामिल हैं, जिन्होंने परंपरागत खेती से आगे बढ़कर वैज्ञानिक एवं उन्नत कृषि पद्धतियों को अपनाया और सीमित संसाधनों में भी उत्कृष्ट परिणाम हासिल किए। लगभग 0.806 हेक्टेयर कृषि भूमि पर खेती करने वाले सांचे की कहानी आज अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
भूखनलाल सोंचे ने बताया कि पहले वे परंपरागत तरीकों से खेती करते थे, जिससे धान का उत्पादन अपेक्षाकृत कम होता था और मेहनत के अनुरूप लाभ नहीं मिल पाता था। उत्पादन बढ़ाने की चाह में उन्होंने कृषि विभाग के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी गेंदलाल पात्रे एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी एल. के. कौशले से संपर्क किया। अधिकारियों के मार्गदर्शन में उन्होंने उन्नत एवं वैज्ञानिक खेती की दिशा में कदम बढ़ाया। अधिकारियों के मार्गदर्शन में किसान सांचे ने खेत की ग्रीष्मकालीन गहरी जुताई कराई, जिससे भूमि की उर्वरता में सुधार हुआ। बोनी से पूर्व बीज को ट्राइकोडर्मा से उपचारित किया गया तथा प्रमाणित बीजों का उपयोग किया गया। इसके साथ ही फसल की विभिन्न अवस्थाओं में कल्चर प्रयोग, नैनो यूरिया एवं डी.ए.पी. का छिड़काव किया गया, जिससे पौधों की बढ़वार बेहतर हुई और रोग-कीट का प्रकोप कम हुआ।
इन सभी वैज्ञानिक तरीकों का सकारात्मक परिणाम यह रहा कि सोंचे को प्रति एकड़ 24 से 25 क्विंटल धान का उत्पादन प्राप्त हुआ, जो परंपरागत खेती की तुलना में लगभग दोगुना है। अधिक उत्पादन से न केवल उनकी आय में वृद्धि हुई, बल्कि खेती के प्रति उनका आत्मविश्वास भी मजबूत हुआ। आज भूखनलाल सोंचे की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है। उन्होने बताया कि यदि किसान कृषि विभाग की सलाह लेकर वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाएं, तो कम भूमि में भी बेहतर उत्पादन और अच्छा मुनाफा संभव है।
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