इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में गैंगस्टर का VIP दर्शन, नियम सिर्फ जनता के लिए?
इंदौर। इंदौर (Indore) में आस्था के सबसे बड़े केंद्रों में से एक खजराना गणेश मंदिर (Khajrana Ganesh Temple) एक बार फिर विवादों में है। जहां आम श्रद्धालुओं को गर्भगृह में प्रवेश (sanctum sanctorum) की सख्त मनाही है, वहीं कुख्यात गैंगस्टर सतीश भाऊ गर्भगृह के भीतर पहुंचकर आराम से दर्शन करता नजर आया। इतना ही नहीं, दर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड भी कर दिया गया।
वायरल वीडियो ने दावों की पोल खोल दी
मंदिर प्रशासन यह दलील देता रहा है कि सुरक्षा और परंपरा के कारण गर्भगृह में किसी को प्रवेश नहीं दिया जाता। आम भक्तों को बैरिकेड्स के बाहर से ही दर्शन करना पड़ता है। त्योहारों और भीड़ के समय तो श्रद्धालुओं को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। लेकिन वायरल वीडियो ने इन दावों की पोल खोल दी है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि गैंगस्टर गर्भगृह के भीतर मौजूद है और विधिवत पूजा-अर्चना कर रहा है।
आस्था के केंद्र पर श्रद्धालुओं से भेदभाव
सवाल यह है कि जब आम नागरिकों को अनुमति नहीं, तो फिर यह विशेष सुविधा किसके आदेश पर दी गई? क्या मंदिर के नियम सिर्फ आम जनता के लिए हैं? क्या रसूख और दबदबे के आगे प्रशासन बेबस है? इस पूरे मामले ने मंदिर प्रशासन को सीधे कटघरे में खड़ा कर दिया है। शहर में चर्चा तेज है कि आखिर सुरक्षा व्यवस्था कहां थी? किसने अनुमति दी? और क्या इस पर कोई कार्रवाई होगी या मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा? आस्था के केंद्र पर इस तरह का भेदभाव श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचा रहा है।
राशिफल 29 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
जिला प्रशासन की अनूठी पहल, नहरों के पानी से लबालब हुए 450 तालाब
ईंट निर्माण कार्य से आत्मनिर्भर बन रही हैं समूह की महिलाएं
महासंघ की कार्यप्रणाली को बनाये गतिशील एवं परिणामोन्मुख : राज्यमंत्री पंवार
प्रदेश में जंगली भैंसा प्रजाति का पुनर्स्थापन एक ऐतिहासिक अवसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सही दवा-शुद्ध आहार' अभियान में जगदलपुर के चाट-गुपचुप सेंटरों और कॉस्मेटिक्स दुकानों का हुआ निरीक्षण
वन मंत्री केदार कश्यप ने भरा ऑनलाइन स्व-गणना पत्रक, नागरिकों से सहभागिता की अपील
एमपी टूरिज्म को मिला “लीडिंग टूरिज्म डेस्टीनेशन” का प्रतिष्ठित सम्मान
मध्यप्रदेश अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को दे रहा है नई ऊर्जा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सुकमा में तेंदूपत्ता संग्रहण तेज़ी से जारी, 35 हजार से अधिक बोरे का हुआ संग्रहण