‘प्राथमिकता तय कर शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल करें’: मुख्य सचिव का सख्त संदेश
भोपाल। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल की जाए. मंत्रालय में आयोजित कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में उन्होंने विभिन्न विभागों की योजनाओं और विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के निर्देश दिए।
‘जनता की समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता’
मुख्य सचिव जैन ने कहा कि आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. केंद्र प्रवर्तित योजनाओं और निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए. ग्रामीण विकास और जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना के तहत चयनित गांवों को बुनियादी सुविधाओं, गौपालन और डेयरी विकास से आत्मनिर्भर “आदर्श ग्राम” के रूप में विकसित करने के लिए 31 मार्च तक विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने के निर्देश दिए. पंचायत स्तर पर नए राजस्व स्रोत विकसित करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
शैक्षणिक सत्र में ड्रॉप आउट दर को शून्य करने का लक्ष्य
जल जीवन मिशन के अंतर्गत एकल नल जल योजनाओं की समीक्षा करते हुए रीवा, सिंगरौली, मऊगंज, सीधी, मुरैना और भिंड के कलेक्टरों को लंबित कार्य शीघ्र पूर्ण करने को कहा गया. जिला एवं जनपद पंचायत के नवीन भवनों के लिए निवाड़ी, पांढुर्ना, नीमच, बैतूल, हरदा, अशोकनगर, ग्वालियर, शिवपुरी और भिंड में भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए. शिक्षा और स्वास्थ्य को समाज के भविष्य से जुड़ा बताते हुए मुख्य सचिव ने नए शैक्षणिक सत्र में नामांकन बढ़ाने और ड्रॉप आउट दर को शून्य करने का लक्ष्य रखा. एजुकेशन पोर्टल 3.0 में शाला से बाहर बच्चों की प्रोफाइल दर्ज करने में जबलपुर संभाग, पन्ना और बालाघाट जिलों की सराहना की गई. आगामी जनगणना को ध्यान में रखते हुए शैक्षणिक सत्र संचालन की योजना बनाने को कहा गया ताकि पढ़ाई प्रभावित न हो. आंगनबाड़ी केंद्रों में 3 से 6 वर्ष के बच्चों के पंजीयन बढ़ाने, सैंपलिंग चेकिंग और अभिभावकों से वन-टू-वन संवाद पर जोर दिया गया।
‘आवश्यक होने पर वैकल्पिक भवनों में कक्षाएं संचालित की जाएं’
मुख्य सचिव जैन ने निर्देश दिए कि 8 मार्च, महिला दिवस तक सभी शासकीय स्कूलों में बालिका शौचालय निर्माण पूर्ण हो. जर्जर भवनों की मरम्मत या ध्वस्तीकरण कर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए. आवश्यक होने पर वैकल्पिक भवनों में कक्षाएं संचालित की जाएं. रोजगार और निवेश से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना सहित अन्य योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए. ‘एक जिला-एक उत्पाद’ योजना के तहत जीआई टैग, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग को बढ़ावा देने तथा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
‘योजनाओं का प्रभाव जमीनी स्तर पर दिखना चाहिए’
बैठक में सुशासन, सीएम हेल्पलाइन के समय-सीमा में निराकरण, ‘संकल्प से समाधान’ अभियान तथा कृषक कल्याण वर्ष के अंतर्गत किसानों को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए. मुख्य सचिव ने कहा कि योजनाओं का प्रभाव जमीनी स्तर पर दिखना चाहिए और हर जिले में परिणाम स्पष्ट रूप से दिखाई देने चाहिए।
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