ग्वालियर के घाटीगांव में 22,850 लीटर स्पिरिट जप्त, जांच में जहरीली पाई गई
फॉरेंसिक रिपोर्ट में पुष्टि; बड़ी जनहानि टली, आरोपी अब भी फरार
ग्वालियर। ग्वालियर के घाटीगांव क्षेत्र स्थित एक निजी फार्महाउस से जब्त की गई 22 हजार 850 लीटर स्पिरिट को फॉरेंसिक जांच में जहरीला पाया गया है। यदि इस स्पिरिट से बनी शराब बाजार में पहुंच जाती, तो बड़े पैमाने पर जनहानि की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता था। आबकारी विभाग की कार्रवाई को लेकर जहां टीम की सराहना हो रही है, वहीं कई गंभीर सवाल भी खड़े हो गए हैं।
बड़ी कार्रवाई, लेकिन आरोपी अब भी पकड़ से दूर
आबकारी विभाग ने हाल ही में घाटीगांव के एक फार्महाउस पर छापा मारकर भारी मात्रा में स्पिरिट जब्त की थी। जांच के बाद फॉरेंसिक रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई कि उक्त स्पिरिट का उपयोग जहरीली शराब बनाने में किया जा सकता था। हालांकि इस मामले के मुख्य आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास जारी हैं और जल्द ही उन्हें पकड़ लिया जाएगा।
बिना लाइसेंस भंडारण पर सवाल
नियमों के अनुसार बिना लाइसेंस 165 लीटर से अधिक क्षमता की ओपी (ऑपरेशन/भंडारण क्षमता) रखना अवैध है। ऐसे में 22,850 लीटर स्पिरिट का भंडारण कई स्तरों पर प्रशासनिक निगरानी पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
सम्मानित हुई टीम, पर लैब सुविधा का अभाव
कार्रवाई करने वाली आबकारी टीम को सम्मानित भी किया गया, लेकिन विभाग के पास स्वयं की अत्याधुनिक लैब सुविधा नहीं होने का मुद्दा फिर चर्चा में है। सवाल यह उठ रहा है इतने बड़े और संवेदनशील विभाग को बिना स्वतंत्र प्रयोगशाला के अपराध की गुणवत्ता और गंभीरता का समय पर आकलन करने में कितनी कठिनाई आती होगी।
फार्महाउस मालिक के राजनीतिक संबंधों पर चर्चा
सूत्रों के अनुसार जिस फार्महाउस से स्पिरिट जब्त की गई, वह सुरेंद्र सिंह तोमर का बताया जा रहा है। तोमर के कथित राजनीतिक संबंधों को लेकर भी क्षेत्र में चर्चा है। हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच को लेकर भी लोगों की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं।
क्या जानबूझकर रची जा रही थी साजिश?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि आरोपियों को स्पिरिट की गुणवत्ता और उसके संभावित दुष्प्रभाव की जानकारी थी, तो क्या वे जानबूझकर लोगों की जान जोखिम में डालने की तैयारी कर रहे थे? फॉरेंसिक रिपोर्ट में जहरीली शराब निर्माण की पुष्टि ने मामले को और गंभीर बढ़ा दिया है। आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही फरार आरोपियों की गिरफ्तारी कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राशिफल 29 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
जिला प्रशासन की अनूठी पहल, नहरों के पानी से लबालब हुए 450 तालाब
ईंट निर्माण कार्य से आत्मनिर्भर बन रही हैं समूह की महिलाएं
महासंघ की कार्यप्रणाली को बनाये गतिशील एवं परिणामोन्मुख : राज्यमंत्री पंवार
प्रदेश में जंगली भैंसा प्रजाति का पुनर्स्थापन एक ऐतिहासिक अवसर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सही दवा-शुद्ध आहार' अभियान में जगदलपुर के चाट-गुपचुप सेंटरों और कॉस्मेटिक्स दुकानों का हुआ निरीक्षण
वन मंत्री केदार कश्यप ने भरा ऑनलाइन स्व-गणना पत्रक, नागरिकों से सहभागिता की अपील
एमपी टूरिज्म को मिला “लीडिंग टूरिज्म डेस्टीनेशन” का प्रतिष्ठित सम्मान
मध्यप्रदेश अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को दे रहा है नई ऊर्जा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सुकमा में तेंदूपत्ता संग्रहण तेज़ी से जारी, 35 हजार से अधिक बोरे का हुआ संग्रहण