AAP छोड़ने के बाद हरभजन सिंह ने साधा निशाना, पंजाब में ड्रग्स समस्या पर सरकार से सवाल
नई दिल्ली। पूर्व दिग्गज क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने आम आदमी पार्टी (AAP) से अपना नाता तोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थामने के फैसले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। पार्टी छोड़ने की वजह स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि 'आप' में रहते हुए उनके विचारों और खेल से जुड़े सुझावों को वह प्राथमिकता और सम्मान नहीं मिला, जिसकी उन्हें अपेक्षा थी। दरकिनार किए जाने से क्षुब्ध होकर ही उन्हें पार्टी से अलग होने का यह कदम उठाना पड़ा।
अनसुने रहे सुझाव, घुटने लगा था दम
हरभजन सिंह ने अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत को याद करते हुए बताया कि जब पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के आग्रह पर वे आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे, तब उनका उद्देश्य बिल्कुल साफ था। वे राजनीति के जोड़-तोड़ में पड़ने के बजाय राज्यसभा के मंच से पंजाब और देश भर में खेलों तथा युवाओं के विकास के लिए ठोस काम करना चाहते थे।
उन्होंने दर्द बयां करते हुए कहा कि समय बीतने के साथ पार्टी के भीतर उनके दूरगामी सुझावों को लगातार नजरअंदाज किया जाने लगा। जिस मकसद से वे सार्वजनिक जीवन में आए थे, वह पूरा होता नहीं दिख रहा था। लगातार हाशिए पर रखे जाने की स्थिति से परेशान होकर आखिरकार उन्होंने आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देना ही बेहतर समझा।
पंजाब में गहराते ड्रग्स नेटवर्क पर दागे तीखे सवाल
आम आदमी पार्टी का साथ छोड़ने वाले आठ प्रमुख सांसदों में शुमार हरभजन सिंह ने पार्टी से बाहर आते ही पंजाब की नशा समस्या पर भगवंत मान सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने पंजाब में तेजी से पैर पसार रहे ड्रग्स नेटवर्क को राज्य ही नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा करार दिया।
पंजाब की सीमावर्ती भौगोलिक स्थिति का हवाला देते हुए पूर्व क्रिकेटर ने सवाल उठाए:
"पंजाब की सीमा में आखिर इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ पहुंच कैसे रहे हैं? इसके पीछे की पूरी सप्लाई चेन और तंत्र को ध्वस्त करने की सख्त जरूरत है। सिर्फ कागजी दावों से काम नहीं चलेगा, बल्कि ड्रग्स तस्करी के खिलाफ कड़े कानूनों के साथ जमीन पर कठोर कार्रवाई की आवश्यकता है।"
विरोध प्रदर्शनों पर साधी चुप्पी, दिया करारा जवाब
पार्टी छोड़ने के बाद उनके आवास के बाहर हुए उग्र विरोध प्रदर्शनों और पुतला दहन की घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए हरभजन सिंह ने बेबाकी दिखाई। उन्होंने कहा कि वे इस घटिया स्तर की राजनीति में किसी का नाम लेकर मामले को तूल नहीं देना चाहते, क्योंकि आम जनता बेहद समझदार है और सब जानती है कि विरोध कराने वाले चेहरे कौन हैं। भाजपा में शामिल होने के साथ ही उन्होंने संकेत दे दिए हैं कि अब वे नए राजनीतिक मंच से खेल नीति और नशा विरोधी अभियान पर अपना ध्यान केंद्रित करेंगे।
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