ईरान में अब नहीं टहला सकेंगे कुत्ते, प्रशासन ने लगाया प्रतिबंध
ईरान ने सामाजिक व्यवस्था और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 20 से ज्यादा शहरों में कुत्तों के घुमाने पर बैन लगा दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, जिन शहरों में प्रतिबंध लगाया गया है उनमें करमानशाह, इलम, हमादान, करमान, बोरूजेर्ड, रोबत करीम, लवसनात और गोलेस्तान शामिल हैं।
इसी तरह के बैन सबसे पहले 2019 में राजधानी तेहरान में लगाए गए थे, जिससे नागरिकों के बीच और आलोचना हुई थी। ईरानी अधिकारियों ने दावा किया है कि कुत्तों को टहलाना लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा है। उनका यह भी तर्क है कि कुत्तों को टहलाना सुरक्षा संबंधी मुद्दों को जन्म दे सकता है।
कुत्तों के मालिक पर हो रही कार्रवाई
हालांकि उन्होंने इस कदम को लेकर कोई विशेष जानकारी नहीं दी है। रिपोर्टों के अनुसार, अधिकारी प्रतिबंध का उल्लंघन करने वाले कुत्तों के मालिकों पर कार्रवाई कर रहे हैं, जिसके कारण गिरफ्तारी और प्रतिरोध हो रहा है। सुधारवादी अखबार एतेमाद ने रविवार को इलाम शहर के एक अधिकारी के हवाले से कहा कि उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस खबर में कोई अन्य अपडेट नहीं था। ईरान के सरकारी अखबार ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना, सुरक्षा सुनिश्चित करना और सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा करना है
ईरान में कुत्तों को टहलाना प्रतिबंधित क्यों है?
स्थानीय निर्देशों और पुलिस के आदेशों के जरिए प्रतिबंध लगाया गया है क्योंकि कोई राष्ट्रीय कानून पारित नहीं हुआ है। हालांकि, ईरान के दंड संहिता और संविधान में कुछ ऐसे अनुच्छेद हैं जो अधिकारियों को ऐसे प्रतिबंध लगाने में सक्षम बनाते हैं, जो सार्वजनिक नैतिकता पर अनुच्छेद 638, सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए खतरों पर अनुच्छेद 688 और संविधान का अनुच्छेद 40 है, जो दूसरों को नुकसान पहुंचाने पर रोक लगाता है।
राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (20 जनवरी 2026)
कृषक उन्नति योजना बन रहा आर्थिक उन्नति का पर्याय: कृषक उत्तर कुमार प्रधान
छत्तीसगढ़ को मिला देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य का पुरस्कार : उद्यानिकी एवं कृषि विभाग को संयुक्त रूप से प्रथम पुरस्कार से किया गया सम्मानित
पिछड़ा वर्ग आयोग में विभिन्न शिकायतों की सुनवाई : सुनवाई के उपरांत अधिकारियों को निर्णयों के क्रियान्वयन हेतु निर्देश जारी
आईआईटी भिलाई में 'जेंडर मोडालिटीज़ ऑफ़ रिमेम्बरिंग इन साउथ एशियन लिटरेचर' के राष्ट्रीय सम्मेलन का हुआ आयोजन
कोरबा के रविशंकर नगर जोन अंतर्गत वार्डाे को मिली 03 करोड़ 20 लाख रूपए के विकास कार्याे की सौगात
तकनीक ने बदली धान खरीदी व्यवस्था : छत्तीसगढ़ में किसान अब घर बैठे काट रहे टोकन
दावोस में तकनीक व नवाचार सहयोग पर मध्यप्रदेश और इज़राइल के मध्य हुआ संवाद
जनजाति युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम राज्यों की संस्कृति जानने का सशक्त माध्यम : मंत्री सारंग
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के आधार पर भारत की संस्कृति से परिपूर्ण और वैश्विक ज्ञान से भरपूर पाठ्य पुस्तकें करें तैयार : मंत्री सिंह