CG Congress में बड़ा बदलाव? PCC चीफ दीपक बैज को हटाने की चर्चाएं तेज
छत्तीसगढ़ : कांग्रेस में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक बदलाव होने की अटकलें तेज हो गई हैं। CG Congress PCC Chief को लेकर रायपुर से दिल्ली तक चर्चाओं का बाजार गर्म है। कांग्रेस की CWC बैठक के बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज को बदला जा सकता है। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक इस मुद्दे पर लगातार चर्चा हो रही है।
CWC बैठक के बाद क्यों बढ़ी हलचल?
सूत्रों के मुताबिक, CWC की बैठक के बाद दिल्ली में कई वरिष्ठ नेताओं के साथ इस विषय पर चर्चा हुई है। इसी बीच वरिष्ठ पत्रकार आदेश रावल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर दावा किया कि कांग्रेस नेतृत्व कई राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष बदलने की तैयारी में है, जिसमें छत्तीसगढ़ भी शामिल है। इसके बाद CG Congress PCC Chief बदलने की चर्चाओं ने और जोर पकड़ लिया।
नए PCC चीफ की रेस में कौन आगे?
नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम को लेकर दो बड़े चेहरों की चर्चा हो रही है। एक ओर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नंद कुमार पटेल के बेटे और पूर्व मंत्री उमेश पटेल का नाम सामने आ रहा है। वहीं दूसरी ओर टीएस बाबा भी कई बार सार्वजनिक रूप से प्रदेश अध्यक्ष बनने की इच्छा जता चुके हैं।
उमेश पटेल क्यों माने जा रहे मजबूत दावेदार?
उमेश पटेल खरसिया विधानसभा सीट से तीन बार विधायक रह चुके हैं। वे OBC समाज से आते हैं और अब तक किसी बड़े विवाद से उनका नाम नहीं जुड़ा है। विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने उनके समर्थन में प्रचार किया था। इसके अलावा भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने मंच से उमेश पटेल की खुले तौर पर सराहना भी की थी। इससे पहले उन्हें नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने की चर्चाएं भी चल चुकी हैं।
राशिफल 18 अक्टूबर 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
आजीविका डबरी ने बदली लारंग साय की जिंदगी, मछली पालन से अर्जित किए 20 हजार रुपये तक
मध्यप्रदेश में निवेश हर दृष्टि से आपको लाभ देगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सेवा संकल्प अभियान के अंतिम दिन जिला अस्पताल कोंडागांव में मेगा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम योजना से आकाश जायसवाल को मिला स्वरोजगार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विजयवाड़ा में उद्योगपतियों और निवेशकों से की चर्चा
स्वरोजगार से आत्मनिर्भरता की राह पर ग्रामीण महिलाएं