Piles Treatment: बिना चीरे और टांके सिर्फ 3 दिन में गिर जाएंगे मस्से, राजस्थानी वैद्य ने बताया खास राख वाला नुस्खा
बवासीर एक आम रोग है जिसे पाइल्स या हेमोरॉयड्स कहा जाता है। इसमें गुदा और मलाशय के आसपास की नसों में सूजन या गांठ बन जाती है। यह कॉमन प्रॉब्लम है जिससे बहुत से लोग परेशान रहते हैं। कब्ज इसकी आम वजह है। कब्ज होने पर जब मल त्याग करते समय बार-बार जोर लगाना पड़ता है तो नसों पर दबाव बढ़ जाता है और धीरे-धीरे वह फूलकर बवासीर का रूप ले लेती हैं। बवासीर दो तरह की होती है। खुनी बवासीर जो गुदा के अंदर होती है और अक्सर शुरू में दिखाई नहीं देती, लेकिन खून आने या दर्द होने पर पता चलती है। बादी बवासीर जो आसानी से दिखाई दे जाती है और इसमें दर्द व जलन जलन होती है। कई बार ये गांठें इतनी बड़ी हो जाती हैं कि बैठना, चलना या मल त्याग करना भी मुश्किल हो जाता है। फेमस राजस्थानी वैद्य जगदीश सुमन आपको बवासीर का एक सरल घरेलू उपाय बता रहे हैं।
बवासीर का पक्का इलाज
बवासीर एक आम रोग है जिसे पाइल्स या हेमोरॉयड्स कहा जाता है। इसमें गुदा और मलाशय के आसपास की नसों में सूजन या गांठ बन जाती है। यह कॉमन प्रॉब्लम है जिससे बहुत से लोग परेशान रहते हैं। कब्ज इसकी आम वजह है। कब्ज होने पर जब मल त्याग करते समय बार-बार जोर लगाना पड़ता है तो नसों पर दबाव बढ़ जाता है और धीरे-धीरे वह फूलकर बवासीर का रूप ले लेती हैं। बवासीर दो तरह की होती है। खुनी बवासीर जो गुदा के अंदर होती है और अक्सर शुरू में दिखाई नहीं देती, लेकिन खून आने या दर्द होने पर पता चलती है। बादी बवासीर जो आसानी से दिखाई दे जाती है और इसमें दर्द व जलन जलन होती है। कई बार ये गांठें इतनी बड़ी हो जाती हैं कि बैठना, चलना या मल त्याग करना भी मुश्किल हो जाता है। फेमस राजस्थानी वैद्य जगदीश सुमन आपको बवासीर का एक सरल घरेलू उपाय बता रहे हैं।
आपको क्या-क्या चीजें चाहिए
आपको यह नुस्खा तैयार करने के लिए दो नारियल के छिलके चाहिए। आप किसी भी दुकान से जाकर नारियल के छिलके मांग ले आएं। इसके अलावा आपको थोड़ी कच्ची लस्सी चाहिए, जो आपको डेयरी पर मिल सकती है। इसके अलावा आपको मटर के दाने जितनी फिटकरी और एक केला चाहिए।
कैसे तैयार करें नुस्खा
वैद्य ने बताया कि नारियल के छिलकों को अच्छी तरह जला दें। जब इसकी राख बन जाए तो उसे अच्छी तरह मसल दें और एक डिब्बे में रख लें। जरूरत पड़ने पर आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। एक केला काटें और और उसमें फिटकरी को भर दें और उसे संभालकर रख दें।
कैसे करें इस्तेमाल
बवासीर के मरीज इसका इस्तेमाल करने के लिए राख को एक गिलास कच्ची लस्सी में मिक्स करें। इस मिश्रण को आप लगातार 3 दिन सुबह खाली पेट पी सकते हैं। इसके ऊपर आप फिटकरी से भरा केला खाएं।
100% रिजल्ट
वैद्य ने बताया कि यह आयुर्वेदिक नुस्खा काफी प्रभावशाली है और इससे आपको 100 फीसदी रिजल्ट मिलता है। सबसे अच्छी बात यह है कि यह ज्यादा खर्चीला नहीं और आप इसे अपने घर पर ही आसानी से आजमा सकते हैं।
3 दिन में खत्म होगी पुराने बवासीर
ऐसे बहुत से लोग हैं जो कहते हैं कि उन्हें 20 साल से बवासीर की बीमारी है। ऑपरेशन भी करा लिए लेकिन फिर भी ठीक नहीं हो रही है। ऐसे लोगों को इस नुस्खे का इस्तेमाल करने से सिर्फ तीन दिनों में आराम मिल सकता है।
बवासीर होने के कारण
बवासीर के मुख्य कारणों में कब्ज, मसालेदार भोजन, कम पानी पीना, फाइबर की कमी, लंबे समय तक बैठना, गर्भावस्था, मोटापा और फिजिकल एक्टिविटी की कमी शामिल हैं। गलत खानपान और देर तक मोबाइल या लैपटॉप पर बैठे रहने से भी मलाशय की नसों पर दबाव बढ़ जाता है।
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