बांग्लादेश चुनाव से पहले सत्ता विरोधी लहर, यूनुस की राह मुश्किल
बांग्लादेश में राजनीतिक पारा बढ़ता जा रहा है. देश में जल्द ही आम चुनाव होने वाले और इसको लेकर सभी राजनीतिक पार्टियां तैयारी में जुट गई हैं. 16 साल बाद शेख हसीना के बिना हो रहे इस चुनाव में बांग्लादेश की सत्ता किसकी हाथों में जाएगी, ये सवाल सभी पूछ रहे हैं. देश के अखबारों इस पर सर्वे भी करने लगे हैं. ऐसे ही किए गए एक सर्वे ने मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस की चिंता बढ़ा दी है.
सर्वे में खालिदा जिया की पार्टी BNP को सबसे ज्यादा वोट मिलते दिखाई दिए हैं, जबकि यूनुस के करीबी आंदोलनकारियों की ओर से बनाई गई पार्टी NCP को तीसरे नंबर दिया गया है. SANEM अखबार ने ये सर्वे देश की युवा आबादी पर किया है, जिसमें BNP को 39, जमात को 22 NCP को 16 फीसद वोट ही मिलते दिखाई दिए हैं.
इसके अलावा अन्य धार्मिक दलों को 4.59 फीसद वोट मिले हैं, जातीय पार्टी को 3.77 फीसद तथा अन्य दलों को 0.57 फीसद वोट प्राप्त होने का अनुमान लगाया गया है. साथ ही 51 फीसद लोगों ने ये भी माना कि अंतरिम सरकार देश में सामाजिक सद्भाव बनाए रखने में सक्षम है. इसके बावजूद उन्होंने सरकार के लिए NCP को पहले पसंद नहीं रखा है.
अंतरिम सरकार से कितने संतुष्ट नागरिक
सर्वे में 50 फीसद युवा देश की आर्थिक स्थिरता से संतुष्ट हैं, जबकि 35 फीसद युवा देश की कानून-व्यवस्था को लेकर चिंतित. 94 फीसद युवा इस बात को लेकर आशावादी हैं कि आगामी चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष होंगे. हालांकि, युवा लोग राजनीतिक बदलाव की संभावनाओं को लेकर निराश हैं.
यूनिस की प्लानिंग हो सकती है फैल
मोहम्मद यूनुस ने देश की सत्ता संभालते समय देश में 6 महीने में चुनाव कराने की बात कही थी. सरकार बदले एक साल होने जा रहा है, लेकिन देश में उन्होंने चुनाव नहीं कराए है. चुनाव कराने को लेकर बढ़ रहे दबाव के चलते यूनुस ने चुनाव कराना का फैसला तो किया, लेकिन उसके करीबियों ने अपनी राजनीतिक पार्टी और लांच कर दी.
पिछले साल छात्र आंदोलनों का चेहरा रहे यूनुस के करीबी नाहिद इस्लाम ने NCP पार्टी का गठन किया है और देश में होने वाले चुनाव में उतर रहे हैं. जिसके बाद माना जा रहा था कि अगर NCP जीत जाती है, तो देश की सत्ता मौजूदा अंतरिम सरकार पर ही रहेगी, लेकिन सर्वे में NCP को युवाओं ने पसंद नहीं किया है.
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