चारधाम यात्रा: भीड़ प्रबंधन के लिए नई गाइडलाइन जारी
देहरादून:पिछले दिनों केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और अव्यवस्था के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए कई बड़े ऐलानों के साथ अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने साफ किया है कि अब चारों धामों की वास्तविक क्षमता (कैरिंग कैपेसिटी) के हिसाब से ही श्रद्धालुओं को दर्शन कराए जाएंगे, ताकि वहां दोबारा अव्यवस्था न फैले। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से दर्शन के लिए एक विस्तृत गाइडलाइन (एसओपी) तुरंत तैयार करने को कहा है। अगर किसी धाम में तय क्षमता से अधिक लोग पहुंचते हैं, तो उन्हें नीचे बने होल्डिंग एरिया और मुख्य चेक प्वाइंट्स पर ही रोककर चरणबद्ध तरीके से आगे भेजा जाएगा। साथ ही, जहां यात्रियों को रोका जाएगा, वहां पार्किंग, खाना, साफ पानी और शौचालय की पूरी व्यवस्था होगी।
रात में सफर पर पाबंदी और भारी वाहनों पर रोक
यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए चारधाम यात्रा मार्गों पर रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक यात्री वाहनों के चलने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। मुख्यमंत्री ने इस नियम का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, जरूरी सामान लाने-ले जाने वाले भारी वाहनों और ट्रकों को केवल रात के समय ही चलने की इजाजत होगी। इसके साथ ही, दिन के समय यात्रा वाले रास्तों पर मध्यम और भारी मालवाहक गाड़ियों के चलने पर रोक रहेगी, ताकि तीर्थयात्रियों को लंबे जाम की समस्या से न जूझना पड़े।
मौसम की चुनौती और राहत के इंतजाम
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा अब अपने दूसरे और ज्यादा चुनौतीपूर्ण चरण में पहुंच रही है, जहां खराब मौसम सबसे बड़ी बाधा बन सकता है। इससे निपटने के लिए भूस्खलन वाले संवेदनशील इलाकों में जेसीबी, पोकलैंड मशीनें, सैटेलाइट फोन, एम्बुलेंस और रेस्क्यू उपकरण पहले से तैनात रखने के निर्देश दिए गए हैं। गंभीर रूप से बीमार मरीजों को तुरंत अस्पताल पहुंचाने के लिए राज्य स्तर पर एक हेली एम्बुलेंस नोडल अफसर भी तैनात किया जाएगा।
ठगी पर लगाम और रेट लिस्ट अनिवार्य
यात्रियों को लूटखसोट से बचाने के लिए यात्रा मार्ग पर मौजूद सभी होटलों, रेस्टोरेंटों और ढाबों में खाने-पीने व ठहरने की रेट लिस्ट लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा, यात्रियों की सेहत से खिलवाड़ रोकने के लिए खाद्य पदार्थों की नियमित रूप से सैंपलिंग (जांच) की जाएगी। मुख्यमंत्री ने सभी जिम्मेदार अधिकारियों को दफ्तरों से निकलकर खुद फील्ड में रहकर व्यवस्थाएं संभालने की कड़ी हिदायत दी है।
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