डब्ल्यूपीआई और सीपीआई में गिरावट
नई दिल्ली । भारत का थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) जनवरी 2025 में 2.31 प्रतिशत हो गया है, जो दिसंबर 2024 के 2.37 प्रतिशत से घटकर आया है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने खाद्य और कपड़ा उत्पादों की कीमतों में वृद्धि को मुख्य कारण बताया है। जनवरी 2025 में डब्ल्यूपीआई खाद्य सूचकांक में 7.47 प्रतिशत की बढ़ोतरी आई है, जबकि सीपीआई आधारित खुदरा मुद्रास्फीति जनवरी में 4.31 प्रतिशत पर आ गई है। खाद्य वस्तुओं की कीमतों में नरमी की वजह से सीपीआई में गिरावट आयी है। मुद्रास्फीति के चलते ईंधन की कीमतों में भी गिरावट देखी गई है, जिससे सीपीआई में गिरावट आई है। इस गिरावट के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि भारतीय रिजर्व बैंक अपनी मौद्रिक नीति समिति की आगामी बैठक में अप्रैल में रेपो दर में और कटौती कर सकता है। खाद्य मुद्रास्फीति जनवरी में घटकर 6.02 प्रतिशत हो गई जबकि दिसंबर में यह 8.39 प्रतिशत थी। इसका मुख्य कारण सब्जियों की कीमतों में गिरावट रही जो दिसंबर में 26.6 प्रतिशत से घटकर जनवरी में 11.35 प्रतिशत रह गई। हालांकि मुद्रास्फीति के आंकड़े सकारात्मक रहे लेकिन औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि धीमी हो गई है। दिसंबर 2024 में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक 3.21 प्रतिशत बढ़ा जो कि चार महीने का निचला स्तर है। नवंबर 2024 में यह 4.96 प्रतिशत था। इस गिरावट का मुख्य कारण विनिर्माण क्षेत्र में मंदी रही। इसके अलावा, औद्योगिक उत्पादन में धीमी वृद्धि के कारण विनिर्माण क्षेत्र में मंदी दिखाई दे रही है। इससे साफ होता है कि अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति के बावजूद औद्योगिक उत्पादन में चुनौतियां हैं।
समान नागरिक संहिता को व्यापक जनसमर्थन
माँ चन्द्रहासिनी आरोग्य धाम बनेगा जनसेवा का नया केंद्र : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
धमतरी जिले में 200 एकड़ से बढ़ाकर 600 एकड़ तक औषधीय खेती के विस्तार का लक्ष्य
मध्यप्रदेश पुलिस की साइबर अपराधियों पर लगातार कार्रवाई
इंदौर और विकास हैं एक दूसरे के पर्याय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
कृषि में छत्तीसगढ़ का नया अध्याय बनाया धमतरी जिले ने
इरादों की स्याही से किशन जंगम ने लिखी सफलता की नई इबारत
स्वतंत्रता दिवस समारोह-2026 की तैयारियां प्रारंभ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव पन्ना में 204 करोड़ रूपए से अधिक राशि के 22 विकास कार्यों की देंगे सौगात
संसद में NEET विवाद पर बढ़ा सियासी टकराव, राहुल गांधी की बैठक से क्या निकलेगा हल?