पश्चिम एशिया संकट के बीच पश्चिम एशिया में शांति की चर्चा
वॉशिंगटन|पश्चिम एशिया में चल रहे भीषण संघर्ष के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने कहा है कि ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान को धीरे-धीरे कम करने पर विचार किया जा रहा है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब इस्राइल और ईरान के बीच हमले लगातार बढ़ रहे हैं और हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अमेरिका अपने सैन्य लक्ष्यों को लगभग हासिल कर चुका है। उन्होंने साफ किया कि अमेरिका का मकसद ईरान की मिसाइल ताकत को खत्म करना, रक्षा ढांचे को कमजोर करना और उसे परमाणु क्षमता हासिल करने से रोकना है। ट्रंप के मुताबिक अब हालात ऐसे हैं कि युद्ध को धीरे-धीरे खत्म करने पर विचार किया जा सकता है।
गैस फील्ड हमला बना बड़ा मोड़
इस हफ्ते इस्राइल ने ईरान के एक अहम गैस फील्ड पर हमला किया, जिससे हालात और बिगड़ गए। इसके जवाब में ईरान ने कतर में दुनिया के सबसे बड़े एलएनजी प्लांट को निशाना बनाया। इस टकराव का सीधा असर वैश्विक बाजार पर पड़ा और तेल-गैस की कीमतों में तेज उछाल देखा गया।
ट्रंप के पांच बड़े लक्ष्य क्या हैं?
- ईरान की मिसाइल क्षमता और लॉन्च सिस्टम को पूरी तरह खत्म करना।
- ईरान के रक्षा उद्योग को कमजोर और नुकसान पहुंचाना।
- ईरान की नौसेना और वायुसेना की ताकत को खत्म करना, एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम सहित।
- ईरान को परमाणु हथियार क्षमता हासिल करने से हर हाल में रोकना।
- इस्राइल, सऊदी अरब, कतर, यूएई समेत सहयोगी देशों की सुरक्षा सुनिश्चित करना।
जंग के बीच बढ़ता नुकसान
ईरान के जवाबी हमलों में एक अमेरिकी F-35 लड़ाकू विमान को नुकसान पहुंचने की खबर सामने आई है। हालांकि पायलट सुरक्षित बताया गया है। इस बीच तेल की बढ़ती कीमतों और सप्लाई संकट को देखते हुए अमेरिका ने समुद्र में फंसे ईरानी तेल पर अस्थायी राहत देने का फैसला किया है, ताकि वैश्विक बाजार में संतुलन बनाया जा सके।
क्या सच में थमेगी जंग?
ट्रंप के बयान से यह संकेत जरूर मिला है कि अमेरिका युद्ध को लंबा खींचने के मूड में नहीं है, लेकिन जमीनी हालात अभी भी तनावपूर्ण हैं। ईरान और इस्राइल के बीच हमले जारी हैं और किसी भी समय हालात और बिगड़ सकते हैं। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि क्या कूटनीतिक प्रयास आगे बढ़ते हैं या संघर्ष और गहराता है।
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