मीनाक्षी नटराजन के विरोध के बीच कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा दांव
इंदौर: देश में राज्यसभा चुनाव की सरगर्मियां बेहद तेज हो गई हैं और इसके साथ ही नामांकन दाखिल करने का दौर भी शुरू हो चुका है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बेंगलुरू पहुंचकर अपना पर्चा भर दिया है, वहीं कल वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा भी अपना नामांकन जमा करेंगे। इन सबके बीच मध्य प्रदेश का सियासी पारा पूरी तरह गरमा गया है। वजह है कांग्रेस द्वारा घोषित की गई प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का खुद पार्टी के भीतर ही खुलकर विरोध होना, जिसके चलते कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।
राहुल-प्रियंका के फैसले पर कांग्रेस नेता ने ही उठाए सवाल
आगामी 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव के मतदान से ठीक पहले भोपाल की हुजूर विधानसभा सीट से दो बार चुनाव लड़ चुके कांग्रेस के कद्दावर नेता नरेश ज्ञानचंदानी ने मीनाक्षी नटराजन की उम्मीदवारी पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर सीधे केंद्रीय नेतृत्व को टैग करते हुए लिखा राहुल गांधी जी, प्रियंका गांधी जी, आप जानते हैं कि मध्य प्रदेश में साल 2028 में विधानसभा चुनाव होने हैं। इस नाजुक समय में राज्यसभा में ऐसे नेता को भेजा जाना चाहिए था जिसकी जमीन पर मजबूत पकड़ हो और जो आने वाले चुनावों में पार्टी को जीत दिला सके। लेकिन आप एक बड़ी चूक करने जा रहे हैं। सूबे में दिग्विजय सिंह के अलावा दूसरा कोई नेता चुनाव नहीं जिता सकता।"
कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा बयान: 'तीसरा प्रत्याशी उतरा तो उसे भी जिताएंगे'
इस अंदरूनी कलह के बीच मध्य प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय के एक बयान ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। विजयवर्गीय ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा:
"भाजपा ने फिलहाल मध्य प्रदेश से दो उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं और उनका जीतना पूरी तरह तय है। लेकिन अगर पार्टी आलाकमान अचानक किसी तीसरे प्रत्याशी को भी रेस में उतारता है, तो हम उसे भी जिताने का पूरा प्रयास करेंगे।"
कैलाश विजयवर्गीय के इस बयान के गहरे राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि भाजपा अंदरखाने विपक्ष के असंतुष्ट विधायकों के संपर्क में है और मौका मिलते ही तीसरी सीट पर बड़ा उलटफेर कर सकती है।
क्रॉस वोटिंग की आहट! भाजपा ने साधा निशाना
प्रत्याशियों के नामों के एलान से पहले ही मध्य प्रदेश में 'क्रॉस वोटिंग' (पार्टी लाइन से हटकर वोट देना) को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म था। अब नरेश ज्ञानचंदानी के इस बगावती रुख ने उन चर्चाओं को और हवा दे दी है। इस स्थिति पर चुटकी लेते हुए भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने 'X' पर तंज कसा:
"राज्यसभा चुनाव के लिए घोषित कांग्रेस प्रत्याशी का आंतरिक विरोध अब जगजाहिर हो चुका है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के फैसलों पर खुद उनके ही कार्यकर्ता सवाल खड़े कर रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस के भीतर क्रॉस वोटिंग अब सिर्फ एक आशंका नहीं, बल्कि एक स्पष्ट संकेत बन चुकी है।"
तीन सीटों का समीकरण: प्रतिष्ठा की लड़ाई
मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों के लिए 18 जून को वोट डाले जाएंगे। भाजपा की तरफ से तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल का चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है। असली पेच दिग्विजय सिंह की खाली हुई सीट पर फंसा है, जहां से मीनाक्षी नटराजन को टिकट दिया गया है। विधानसभा और लोकसभा चुनावों में करारी शिकस्त झेलने के बाद अब प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के लिए यह चुनाव अपनी साख और सीट बचाने की बड़ी चुनौती बन गया है। अब देखना यह होगा कि नटराजन को अपनों का साथ मिलता है या अंतिम क्षणों में कोई नया सियासी खेला देखने को मिलता है।
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