अप्रैल माह में हिंदू धर्म के कई प्रमुख और बड़े व्रत-त्यौहार आते हैं।  इस कारण तीज-त्यौहार के लिहाज से अप्रैल का महीना अत्यंत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। इस माह में राम नवमी, हनुमान जयंती से लेकर अक्षय तृतीया जैसे बड़े व्रत-त्यौहार आएंगे। वहीं चैत्र नवरात्रि का समापन भी अप्रैल में ही होगा।  अप्रैल महीने से ही वैशाख माह की भी शुरुआत होती है। वैशाख माह हिंदू कैलेंडर का दूसरा महीना होता है।


राम नवमी- 6 अप्रैल
चैत्र नवरात्र की नवमी तिथि को राम नवमी के रूप में भी मनाया जाता है।  धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रामनवमी का महत्व इस वजह से है कि इस दिन भगवान राम का जन्म हुआ था। यह त्योहार भगवान राम के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। राम नवमी के दिन पूजा-पाठ करने से घर में सुख-शांति आती है और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। राम नवमी के दिन व्रत रखने की भी मान्यता है। राम नवमी के दिन राम रक्षा स्रोत का अनुष्ठान करने से सुखी व शांत गृहस्थ जीवन, रक्षा और सम्मान प्राप्त होता है।
चैत्र नवरात्रि पारण- 7 अप्रैल
कामदा एकादशी- 8 अप्रैल
प्रदोष व्रत- 10 अप्रैल
हनुमान जयंती- चैत्र पूर्णिमा- 12 अप्रैल
हनुमान जयंती 12 अप्रैल को मनाई जाएगी। हर साल चैत्र पूर्णिमा पर बजरंगबली का जन्मोत्सव मनाया जाता है। हनुमान जयंती की दिन बजरंगबली की विधि विधान के साथ पूजा की जाती है। इस दिन सुंदरकांड का पाठ करना भी विशेष महत्व रखता है। हनुमान जयंती के दिन बजरंगबली की पूजा-अर्चना करने भक्तों के सभी दुख-दर्द मिट जाते हैं। साथ ही उनके हर कार्य बिना बाधा के पूरी हो जाती है।
वैशाख माह का आरंभ- 13 अप्रैल
विकट संकष्टी चतुर्थी- 16 अप्रैल
वरुथिनी एकादशी- 24 अप्रैल
प्रदोष व्रत- 25 अप्रैल
मासिक शिवरात्रि- 26 अप्रैल
परशुराम जयंती- 29 अप्रैल
अक्षय तृतीया- 30 अप्रैल
हर साल वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के दिन अक्षय तृतीया मनाई जाती है। क्षय तृतीया के दिन सोना खरीदना बहुत शुभ माना जाता है। कहते हैं कि अक्षय तृतीया के दिन सोना खरीदने से घर में संपन्नता, सौभाग्य और समृद्धि आती है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, अक्षय तृतीया के दिन सोना खरीदने से धन-दौलत में बरकत होती और तिजोरी कभी खाली नहीं होती है!