छिंदवाड़ा: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से एक रूह कंपा देने वाली और बेहद हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां ससुराल पक्ष की लगातार प्रताड़ना से तंग आकर एक विवाहिता ने मौत को गले लगा लिया। लेकिन आत्महत्या करने से पहले महिला ने जो कदम उठाया, उसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। पीड़िता ने कागज पर सुसाइड नोट लिखने के बजाय अपने हाथ और पैरों पर मेहंदी से अपनी दर्दनाक दास्तां लिखी, ताकि उसके न्याय के सबूतों को कोई मिटा न सके। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

ससुरालवालों द्वारा सबूत मिटाने का था खौफ

यह दुखद मामला चौरई थाना क्षेत्र का है, जहां 32 वर्षीय प्रीति वर्मा ने जहर खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। मृतका के भाई हरिओम जांघेला ने बताया कि प्रीति की शादी करीब 13 साल पहले लखन वर्मा नामक युवक से हुई थी। शादी के बाद से ही पति लखन और उसके परिवार के लोग प्रीति को गंभीर रूप से शारीरिक और मानसिक यातनाएं दे रहे थे। प्रीति ने पहले भी दो-तीन बार पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन हर बार पति उसे बहला-फुसलाकर वापस ले आता था। भाई के मुताबिक, प्रीति को शायद यह डर था कि उसकी मौत के बाद ससुराल वाले कागज पर लिखा सुसाइड नोट नष्ट कर देंगे, इसलिए उसने अमिट मेहंदी से अपने ही शरीर को सुसाइड नोट बना लिया।

मेहंदी के अक्षरों में छिपा प्रताड़ना का सच

प्रीति ने मरते-मरते अपने हाथ-पैरों पर मेहंदी से जो शब्द लिखे, वे उसकी असहनीय पीड़ा को बयां करते हैं। उसने लिखा कि आरोपियों को जिंदगी में कभी भी जेल से बाहर आने का मौका नहीं मिलना चाहिए। सुसाइड नोट में उसने अपनी सास पर कटु वचन सुनाने का आरोप लगाया और लिखा कि जेठ-जेठानी उसे अछूत समझकर छूने तक नहीं देते थे और उसे लगातार गंदी गालियां दी जाती थीं। उसने यह भी स्पष्ट लिखा कि उसके मोबाइल फोन में प्रताड़ना के पुख्ता ऑडियो रिकॉर्डिंग मौजूद हैं और इस जुल्म के पीछे ससुराल के पांच लोग जिम्मेदार हैं, जिन्हें उसके शव को छूने भी न दिया जाए।

पुलिस बयान से पहले तोड़ा दम, वीडियोग्राफी से सुरक्षित किए सबूत

घटना वाले दिन जहर का सेवन करने के बाद प्रीति को गंभीर हालत में पहले जिला अस्पताल और फिर एक निजी अस्पताल ले जाया गया था। पुलिस अस्पताल पहुंचकर उसका कानूनी बयान दर्ज करने की तैयारी कर ही रही थी कि इलाज के दौरान शनिवार शाम को उसकी सांसें थम गईं। मृत्यु के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मृतका के अंगों पर लिखे सुसाइड नोट की पूरी वीडियोग्राफी कराई है, ताकि कानूनी प्रक्रिया में इसे अकाट्य साक्ष्य माना जा सके। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मायके पक्ष के आरोपों के आधार पर मामले की सघन जांच शुरू कर दी है।