NBFC समूह की सब्सिडियरी कंपनियों पर एक जैसे कारोबार की मनाही
व्यापार: गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) की सहायक इकाइयां अब समान कारोबार में शामिल नहीं हो पाएंगी। आरबीआई जल्द ही इस तरह की योजना लाने पर काम कर रहा है। बैंकों के लिए यह नियम पहले से ही लागू हैं। अब एक ही कारोबार में दो कंपनियों के शामिल होने के टकराव को रोकने के लिए एनबीएफसी को भी इस दायरे में लाया जाएगा।
सूत्रों ने बताया, आरबीआई कुछ एनबीएफसी के साथ इस प्रस्ताव पर चर्चा कर रहा है। दिशानिर्देश जल्द जारी होने की उम्मीद है। केंद्रीय बैंक इस क्षेत्र में संभावित उथल-पुथल के प्रति सतर्क रहा है। उसने एनबीएफसी को चेतावनी दी है कि वह बेतहाशा कर्ज बांटने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करने में संकोच नहीं करेगा। आरबीआई को चिंता है कि ज्यादा ग्राहक लाने के लिए नकली कारोबार जैसी प्रथा जटिल ऋण संरचना को जन्म दे सकती है। इससे जोखिम बढ़ सकते हैं।
एनबीएफसी के आक्रामक कर्ज देने से बढ़ी चिंता
सूत्रों ने बताया, आरबीआई का नया निर्देश मुख्य रूप से बड़ी गोल्ड फाइनेंस कंपनियों को प्रभावित कर सकता है। इनकी सूक्ष्म वित्त शाखाएं गोल्ड लोन देती हैं। पिछले कुछ वर्षों में इस उद्योग ने जमकर कर्ज बांटे हैं। इस आक्रामक विस्तार के कारण नियामक ने कड़ी कार्रवाई भी की है। इसके बाद ही एचडीएफसी और एक्सिस जैसे कई बैंकों को अपनी उपभोक्ता ऋण सहायक कंपनियों को खरीदने के लिए साझेदारों की तलाश करनी पड़ी है।
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