लोक शिक्षण संचालनालय का नया आदेश, गेस्ट टीचर्स को मिली सुरक्षा
मध्य प्रदेश। के अतिथि शिक्षकों के लिए बड़ी राहत है. 7 दिनों तक अनुपस्थित रहने वाले नियम को सरकार ने वापस लेने का फैसला किया है. इसको लेकर लोक शिक्षण संचालनालय ने आदेश जारी किया है. पुराने निर्देश को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने कर दिया है. वहीं इस आदेश के बाद स्कूल शिक्षा विभाग के 70 हजार अतिथि शिक्षकों पर लटकी कार्रवाई की तलवार फिलहाल हट गई है।
20 फरवरी को जारी आदेश रद्द किया
सरकार ने नियम लागू किया था कि जो भी अतिथि शिक्ष लगातार 7 दिनों तक अनुपस्थित रहते हैं, उनकी सेवाएं एजुकेशन पोर्टल 3.0 से हटा दी जाएंगी. लेकिन अतिथि शिक्षकों के लगातार विरोध के बाद सरकार बैकफुट पर आ गई थी. जिसके बाद लोक शिक्षण संचालनालय ने 20 फरवरी को जारी अपने आदेश को रद्द कर दिया. अब एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर अलग से दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे।
अतिथि शिक्षकों ने किया फैसले का स्वागत
सरकार के इस फैसले से लगभग 70 हजार अतिथि शिक्षकों को राहत मिली है. अतिथि शिक्षकों ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है. स्कूल शिक्षा विभाग की तरफ से 20 फरवरी को आदेश जारी किया गया था. इसमें कहा गया था कि अगर अतिथि शिक्षक लगातार 7 दिनों तक ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं करता है तो उसकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी. इसलिए अतिथि शिक्षकों के लिए ई-अटेंडेंस के जरिए उपस्थिति दर्ज करनी जरूरी की गई थी।
राहुल गांधी की 6 गारंटियां: तमिलनाडु की महिलाओं और छात्रों को हर महीने मिलेंगे 2000 रुपये।
प्रशासन का सख्त एक्शन: बिना लाइसेंस चल रही चांदी रिफाइनरी सील, मौके से आधुनिक मशीनें बरामद।
ईरान की सख्ती: अब जहाजों को लेनी होगी IRGC की इजाजत
साहब की बहाली के लिए बाबू ने मांगी घूस: 40 हजार रुपये के साथ पकड़े गए स्थापना शाखा प्रभारी।
अनुभव का सम्मान या परीक्षा का दबाव? पात्रता परीक्षा पर मप्र के शिक्षकों ने खोला मोर्चा
ग्रामीणों की बहादुरी से बची दो जानें, लेकिन अंचल और पूनम को नहीं बचा सका कोई
"सस्पेंड करो या कोर्ट झेलने को तैयार रहो" - भाजपा नेता संतोष परवाल की तीखी चेतावनी
Health Tips: पाचन तंत्र को लोहे जैसा मजबूत बना देगा 30/30/3 नियम, आज ही करें ट्राई।
20 अप्रैल तक करना होगा सरेंडर: कोर्ट ने दोषी को दी राहत, मगर पुलिस को दी नसीहत
"अब विकास में बाधा नहीं सहेगा बंगाल": भाजपा के समर्थन में बोले डॉ. मोहन यादव