केरल की सियासत के बीच राहुल गांधी ने वी.डी. सतीशन को लगाया गले
तिरुवनंतपुरम: केरल के राजनीतिक इतिहास में एक बड़ा और ऐतिहासिक उलटफेर करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वी.डी. सतीशन ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ले ली है। तिरुवनंतपुरम के प्रतिष्ठित सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित एक भव्य और विशाल समारोह में राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर ने उन्हें मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 140 सदस्यीय विधानसभा में 102 सीटों पर प्रचंड बहुमत हासिल किया है। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही राज्य में पिछले एक दशक (10 साल) से चला आ रहा वामपंथी दल (LDF) का शासन पूरी तरह समाप्त हो गया है।
राष्ट्रीय नेताओं का लगा जमावड़ा, विपक्षी मुख्यमंत्रियों ने बढ़ाई कार्यक्रम की शोभा
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान सेंट्रल स्टेडियम में देश भर के शीर्ष विपक्षी नेताओं का एक बड़ा जमावड़ा देखने को मिला। इस भव्य राजनीतिक समारोह में विशेष तौर पर कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाशरा और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे मौजूद रहे। इनके अलावा कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, जिनमें कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू शामिल हैं, ने भी कार्यक्रम में शिरकत कर नई सरकार को अपनी शुभकामनाएं दीं। मंच पर उस समय एक बेहद सौहार्दपूर्ण दृश्य भी देखने को मिला जब शपथ लेने के तुरंत बाद नए मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने मंच पर मौजूद निवर्तमान मुख्यमंत्री और अब विपक्ष के नए नेता पिनाराई विजयन के पास जाकर उन्हें गले लगाया और हाथ मिलाकर राज्य के विकास के लिए सहयोग मांगा।
60 साल बाद इतिहास में पहली बार पूरी कैबिनेट ने एक साथ ली शपथ
केरल के संसदीय इतिहास में यह पहला मौका है जब लगभग 60 वर्षों के बाद मुख्यमंत्री के साथ ही उनके पूरे मंत्रिमंडल ने एक ही दिन और एक ही समय पर शपथ ग्रहण की है। मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन के साथ कुल 20 अन्य कैबिनेट मंत्रियों ने भी पद की शपथ ली, जिससे यह 21 सदस्यीय एक पूर्ण और सशक्त कैबिनेट बन गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि गठबंधन के भीतर आपसी अंतर्विरोधों को दूर कर महज 24 घंटे के भीतर मंत्रियों के नामों को अंतिम रूप दे दिया गया, जो यूडीएफ गठबंधन के भीतर की अटूट एकता को दर्शाता है। इस नई कैबिनेट में सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों का विशेष ध्यान रखा गया है, जिसमें दो महिला मंत्रियों को शामिल करने के साथ-साथ अनुसूचित जाति (SC) समुदाय के दो चेहरों को भी कैबिनेट में महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है।
सहयोगियों को मिला उचित प्रतिनिधित्व: रमेश चेन्नीथला को गृह और कुन्हालीकुट्टी को उद्योग मिलने की चर्चा
मंत्रिमंडल के गठन में कांग्रेस ने अपने सबसे बड़े और पुराने सहयोगी दल 'इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग' (IUML) को पूरा तवज्जो देते हुए उनके कोटे से पांच मंत्रियों—पी.के. कुन्हालीकुट्टी, एन. शमसुद्दीन, के.एम. शाजी, पी.के. बशीर और वी.ई. अब्दुल गफूर—को कैबिनेट में शामिल किया है। इनके अलावा गठबंधन के अन्य घटक दलों जैसे केरल कांग्रेस (जोसेफ) से मोंस जोसेफ, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (RSP) से शिबू बेबी जॉन और कम्युनिस्ट मार्क्सवादी पार्टी (CMP) से सी.पी. जॉन को भी मंत्री बनाया गया है। विभागों के आधिकारिक बंटवारे को अंतिम रूप दिया जा चुका है, जिसके तहत वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्नीथला को राज्य का नया गृह मंत्री और आईयूएमएल के कद्दावर नेता पी.के. कुन्हालीकुट्टी को उद्योग एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय सौंपे जाने की प्रबल संभावना है, जबकि खुद मुख्यमंत्री सामान्य प्रशासन, कानून और वित्त जैसे महत्वपूर्ण नीतिगत विभाग अपने पास रख सकते हैं।
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