आरबीआई का बड़ा फैसला जल्द, लोन लेने वालों को मिल सकती है राहत
भारतीय रिजर्व बैंक अक्टूबर महीने में फिर से एक बार रेपो रेट में कटौती कर सकता है. आरबीआई की ओर इस बार रेपो रेट में 25 बेसिस अंकों की कटौती की जा सकती है. इसका सीधा फायदा आम-आदमी के जेब पर पड़ेगा. आने वाले दिनों में बैंकों से लोन लेना सस्ता हो सकता है.
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली का मानना है कि RBI अक्टूबर में फिर से रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती कर सकता है. हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक अगस्त की अगली बैठक में ब्याज दरों को वैसे ही रख सकता है. यदि महंगाई और कम होती है, तो दरों में कटौती की संभावना बढ़ सकती है. रेपो रेट वह दर है, जिस पर RBI बैंकों को कर्ज देता है, और इसके कम होने से लोन की लागत घट सकती है.
महंगाई में आ रही है गिरावट
रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल फरवरी के महीने से महंगाई लगातार 4% से कम पर है. वहीं, जून के महीने में इसमें और कमी आई है. जो कि बीते कई वर्षों के मुकाबले काफी कम है. फूड की कीमतों, विशेष रूप से गेहूं और दालों में पिछले साल की तुलना में 1.1% की कमी आई है. इसका कारण अच्छी फसल, अनुकूल मौसम और सरकारी कदम जैसे स्टॉक सीमा और सस्ती सब्जियों की उपलब्धता हैं. रिपोर्ट के अनुसार, यदि यह रुझान जारी रहा, तो आरबीआई अक्टूबर में ब्याज दरों में कटौती कर सकता है, लेकिन वह पहले आर्थिक विकास के और संकेतों का इंतजार करेगा.
रेपो रेट को लेकर और रिपोर्ट?
HSBC ने कहा है कि अगस्त और अक्टूबर 2025 में होने वाली मौद्रिक नीति समिति की बैठकों में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं होगा. वर्तमान में रेपो रेट 5.50% पर स्थिर है. हालांकि, इसके बाद रेपो रेट में कटौती की उम्मीद है, और 2025 के अंत तक यह 5.25% तक पहुंच सकता है. यह अनुमान भारतीय रिजर्व बैंक की नीतियों और आर्थिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगा.
रोज कच्चा प्याज खाते हैं? इन लोगों को तुरंत बंद कर देना चाहिए
आज ही के दिन टीम इंडिया ने जीता वर्ल्ड कप, यादगार बना इतिहास
TMC की आपत्तियों पर SC का स्पष्ट जवाब, वोटर लिस्ट विवाद पर कहा – ‘हर बार ऐसा होता है’
सुनेत्रा पवार का चुनाव आयोग को पत्र, एनसीपी में प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे के पदों पर विवाद
IPL के दौरान बयानबाजी, साहिबा बाली पर उठे सवाल
ईरान मुद्दे पर ट्रंप के तेवर, निवेशकों में बढ़ी घबराहट
ऑनलाइन मैरिज स्कैम का खुलासा, 37 लाख से ज्यादा की ठगी
कांग्रेस की नई पहल: MP में टैलेंट हंट, हजारों युवा बनना चाहते हैं पार्टी प्रवक्ता
बगावत भुलाकर भारत ने पड़ोसी देशों को दिया ऊर्जा सुरक्षा का भरोसा