मौत की दुनियां का रहस्य और फिर जिंदगी
शिकागो । क्या मौत के बाद भी किसी को कोई नई जिंदगी मिलती है? यह सवाल सदियों से इंसानों के मन और मस्तिष्क में गूंजता रहा है। शिकागो के एक छोटे से फार्म में पली-बढ़ी नैन्सी के लिए यह सवाल कभी मायने नहीं रखता था। वह ईश्वर के अस्तित्व को ही नकारती थीं और उसके लिए केवल मौजूदा जिंदगी ही असली थी, इसके अलावा सब कहानी और कुछ भी नहीं। लेकिन एक भयावह हादसे ने नैन्सी की जिंदगी और विश्वास को पूरी तरह बदल दिया।
दरअसल हुआ यूं कि नैंन्सी जो 46 साल की उम्र में थी, एक सड़क हादसे का शिकार हो गई और फिर उसकी पूरी सोच और जिंदगी भी बदल गई। उसकी कार एसयूवी एक भयानक हादसे का शिकार हो गई, जिससे उसके शरीर को गंभीर चोटें आईं-फेफड़े धंस गए, सिर और पीठ में गहरी चोटें आईं, और पांच पसलियां टूट गईं। नैन्सी को बचाने के लिए डॉक्टरों ने सर्जरी का फैसला किया, लेकिन उसकी हालत बेहद नाजुक थी।
नैन्सी ने कहा कि जैसे ही वह बेहोश हुईं, वह खुद को एक धुंधली दुनिया में पाईं, जहां एक रहस्यमयी शख्स उसके पास आया और कहा, तुम्हें अभी और जिंदगी जीनी है। नैन्सी ने इस प्रस्ताव को नकारा, लेकिन वह आवाज अडिग रही। उस शख्स ने कहा, तुम्हें अपने जीवन के अर्थ को समझना है और दूसरों को भी सिखाना है।
इसके बाद नैन्सी ने एक फिल्मी स्क्रीन की तरह अपने जीवन के अहम पलों को देखा। उसने महसूस किया कि उसके हर एक कार्य का प्रभाव न केवल उनके जीवन पर, बल्कि दूसरों पर भी पड़ा है। यह अद्भुत अनुभव न केवल उसके जीवन को बदलने वाला था, बल्कि उसके विश्वास को भी नया आयाम देने वाला साबित हुआ।अब नैन्सी नास्तिक से आस्तिक हो चुकी है और अपने अनुभवों को यूट्यूब चैनल कमिंग होम पर साझा करती है। उसका मानना है कि हर क्रिया का गहरा प्रभाव होता है और यह जीवन एक बड़ी योजना का हिस्सा है। इस हादसे ने उसे यह सिखाया कि जीवन का एक गहरा अर्थ है, जिसे समझने की जिम्मेदारी हर किसी की होती है।
राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (13 मार्च 2026)
एलपीजी संकट की आशंका से घबराकर लोगों ने बढ़ाई सिलेंडर बुकिंग: सरकार
सरसों की खरीदी के लिये भावांतर भुगतान योजना को मिली केन्द्र से स्वीकृति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
बेहतर समन्वय से केन्द्र सरकार के मंत्रालयों से मिल रहा है पूरा सहयोग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
LPG संकट का असर, सागर गैरें ने गैस छोड़ अपनाया इंडक्शन
राज्यसभा चुनाव से पहले एमपी की सियासत गरम, कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग की चिंता
चुनाव खर्च में बीजेपी सबसे आगे, 146.71 करोड़ खर्च कर 89 सीटों पर मिली जीत
‘घबराने की जरूरत नहीं’, लोकसभा में भरोसा दिलाया हरदीप पुरी ने