किस्मत चमकाने के लिए ऐसे करें होलिका दहन की राख का उपयोग
ऋषिकेश। हिंदू धर्म में होलिका दहन का विशेष महत्व माना जाता है. यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और इसी के साथ होली उत्सव की शुरुआत होती है. होलिका दहन की अग्नि को पवित्र माना जाता है और उससे प्राप्त भस्म यानी राख को भी शुभ समझा जाता है. अक्सर लोग इसे साधारण राख मानकर अनदेखा कर देते हैं, लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह भस्म सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर होती है. माना जाता है कि सही विधि और श्रद्धा के साथ इसका उपयोग करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है. इसलिए इस भस्म को सामान्य समझकर नजरअंदाज करना उचित नहीं माना जाता है.घर में राख लाने से क्या होता है?
आस्था और विश्वास का विषय
कुछ लोग इस भस्म का तिलक भी लगाते हैं. माना जाता है कि माथे पर हल्का सा तिलक लगाने से आत्मविश्वास बढ़ता है और मन में सकारात्मक विचार आते हैं. कई परिवार इसे खेतों या व्यवसाय स्थल पर भी रखते हैं, ताकि उन्नति और लाभ बना रहे. ज्योतिषीय दृष्टि से भी इसे ग्रह दोष शांति के लिए उपयोगी माना गया है. हालांकि यह पूरी तरह आस्था और विश्वास का विषय है।
तिजोरी में रखना शुभ
वास्तु मान्यताओं के अनुसार, यदि घर में लगातार कलेश, आर्थिक परेशानी या मानसिक तनाव बना रहता हो, तो होलिका दहन की भस्म को लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखना शुभ माना जाता है. इससे धन हानि रुकने और आय में वृद्धि होने की मान्यता है. वहीं मुख्य द्वार के पास इसे रखने से बुरी नजर और नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा मिलती है. धार्मिक ग्रंथों में अग्नि को शुद्धि का प्रतीक बताया गया है. होलिका दहन की अग्नि में लोग अपनी बुराइयों, ईर्ष्या और नकारात्मक भावनाओं को प्रतीकात्मक रूप से अर्पित करते हैं।
15 अप्रैल 2026 का राशिफल: किसकी किस्मत चमकेगी और किसे रहना होगा सावधान
डबरी बनी स्थायी आजीविका का आधार : जल संरक्षण के साथ बढ़ी आय
मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध मादक पदार्थों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही
प्रधानमंत्री जनमन योजना से बदली दुनिया
राष्ट्रहित सर्वोपरि, सामाजिक समरसता के लिए एकजुट होकर करेंगे काम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
पंचायत सचिव के निलंबन के निर्देश : सीईओ ने विकास कार्यों का लिया जायजा
नवा रायपुर में जनसैलाब के बीच गरिमामय वातावरण में मनाई गई डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती
महिलाओं की राजनीतिक सहभागिता और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों को मिलेंगी नई ऊंचाइयां : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
संविधान निर्माता होने के साथ नए भारत के निर्माता भी हैं बाबा साहेब : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
बाबा साहेब की जयंती पर विजयनगर को मिली विकास की सौगात