फोन की स्पीड बढ़ानी है? तुरंत बंद करें Ad Tracking
क्या आपने कभी गौर किया है कि आप जिस भी प्रोडक्ट के बारे में इंटरनेट पर सर्च करते हैं, कुछ ही देर में उसका विज्ञापन आपके सोशल मीडिया फीड पर दिखने लगता है? यह कोई इत्तेफाक नहीं है, बल्कि यह 'एड ट्रैकिंग' की वजह से होता है। कंपनियां आपकी ब्राउजिंग हिस्ट्री, लोकेशन और ऐप उपयोग के पैटर्न को ट्रैक करती हैं ताकि आपको आपके सर्च हिस्ट्री से जुड़े विज्ञापन दिखाए जा सकें।यह न सिर्फ आपकी प्राइवेसी को प्रभावित करती है, बल्कि बैकग्राउंड में चल रही ट्रैकिंग प्रोसेसेज आपके फोन की बैटरी और डेटा को भी तेजी से खत्म करती हैं, जिससे फोन भी धीमा हो जाता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि लेटेस्ट प्राइवेसी अपडेट्स के अनुसार अब एंड्रॉइड और आईफोन दोनों में ही यूजर्स को अपनी 'एडवर्टाइजिंग आईडी' को रीसेट या डिलीट करने का सीधा विकल्प मिलता है। इस ट्रैकिंग को बंद करने से आपका फोन न सिर्फ सेफ हो जाता है, बल्कि कम बैकग्राउंड लोडिंग के कारण काफी स्मूथ और तेज चलने लगता है।
एंड्रॉइड फोन में सेटिंग्स बदलने की क्या प्रक्रिया?
सबसे पहले अपने फोन की 'सेटिंग्स' में जाएं और नीचे स्क्रॉल कर 'Google' विकल्प पर क्लिक करें।यहां आपको 'Ads' का विकल्प मिलेगा, उस पर टैप करें। इसके बाद 'Delete Advertising ID' को चुनें।ऐसा करने से गूगल आपकी पुरानी सर्च हिस्ट्री को विज्ञापनों से नहीं जोड़ पाएगा।
आईफोन यूजर्स ऐसे बंद करें Ad Tracking?
आईफोन में डेटा प्राइवेसी काफी मजबूत है। इसके लिए 'Settings' में जाकर 'Privacy & Security' पर क्लिक करें।यहां 'Tracking' विकल्प में जाकर 'Allow Apps to Request to Track' को बंद कर दें।इसके अलावा नीचे 'Apple Advertising' में जाकर 'Personalized Ads' को टर्न ऑफ कर दें। इससे ऐप्स आपकी गतिविधियों को फॉलो नहीं कर पाएंगे और आपका डेटा सुरक्षित रहेगा।
अपने वेब ब्राउजर में भी करें ये बदलाव
फोन सेटिंग्स के अलावा अपने वेब ब्राउजर (क्रोम) में भी बदलाव करें। क्रोम की सेटिंग्स में 'Privacy and Security' में जाएं।यहां 'Send a Do Not Track request' को ऑन कर दें। यह वेबसाइट्स को आपकी जानकारी कलेक्ट करने से रोकता है।कुकीज को नियमित रूप से क्लियर करते रहें। इससे फोन की मेमोरी खाली होती है और वेबसाइट्स आपको बार-बार ट्रैक नहीं कर पातीं हैं।
प्राइवेसी के साथ परफॉर्मेंस का भी फायदा
एड ट्रैकिंग बंद करने का मतलब यह नहीं है कि विज्ञापन बिल्कुल नहीं दिखेंगे, इससे ये होगा कि विज्ञापन सीमित दिखेंगे और जो दिखेंगे आपके सर्च हिस्ट्री के आधार पर नहीं होंगे।इससे सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि बैकग्राउंड में डेटा सिंक करने वाली प्रक्रियाएं रुक जाती हैं, जिससे रैम फ्री होती है और फोन स्मूथ चलता है।अपनी डेटा प्राइवेसी को गंभीरता से लें और समय-समय पर अपने फोन की सिक्योरिटी ऑडिट करते रहें ताकि आप सुरक्षित डिजिटल अनुभव का आनंद ले सकें।
सड़क से संसद तक हंगामा, CJP विरोध प्रदर्शन के बीच सपा सांसदों की गिरफ्तारी, शाह-प्रधान की बैठक चर्चा में
21 जुलाई फायरिंग केस की रिपोर्ट जारी करेंगे CM, जानिए ममता बनर्जी से जुड़े इस मामले की पूरी कहानी
UP Election 2027: ओवैसी की नई रणनीति पर सबकी नजर, कई सीटों पर बढ़ेगी मुकाबले की टक्कर
अमेरिका ने बदले वीजा नियम, भारतीय स्टूडेंट्स के भविष्य पर क्यों मंडरा रहा संकट?
राम मंदिर चढ़ावा केस पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, जांच तेज करने के लिए SIT के पुनर्गठन के निर्देश
विधानसभा में उठा बरकतउल्ला विश्वविद्यालय का मुद्दा, सरकार ने नाम बदलने से किया इनकार
CM योगी का बड़ा सियासी हमला, बोले- पहले कट्टे-बम बनते थे, आज लखनऊ में बन रही ब्रह्मोस
छात्रों पर पुलिस कार्रवाई से गरमाई सियासत, प्रियंका गांधी ने सरकार को घेरा
कृति सेनन संग मस्ती करती दिखीं धोनी की बेटी जीवा, लॉर्ड्स से सामने आईं प्यारी फोटो