गुना में पानी से फैल रही बीमारी, दो की मौत, 47 लोग बीमार
गुना। जिले के बमोरी क्षेत्र की मुहाल कॉलोनी में गत शाम अचानक बीमारी का ऐसा प्रकोप फैला कि गांव में अफरा-तफरी मच गई। उल्टी-दस्त की शिकायत के साथ एक के बाद एक ग्रामीण बीमार पड़ते चले गए। देखते ही देखते यह संख्या 24 से ऊपर पहुंच गई, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
गंभीर हालात में कई मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया, जबकि कुछ को निजी अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा। अभी तक 47 लोगों की सूची तैयार की गई है जो बीमार हुए हैं। इस बीमारी की चपेट एक महिला उर्मिला बाई की मौत हो गई है, जबकि तीन-चार दिन पहले एक अन्य बुजुर्ग की भी मौत हुई थी। गांव में अचानक बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने के बाद प्रशासन हरकत में आया। स्वास्थ्य विभाग की टीम को तत्काल गांव भेजा गया, जहां उन्होंने पानी के स्रोतों की जांच शुरू की और सैंपल भी लिए। शुरुआती अनुमान में बीमारी का कारण दूषित पेयजल को माना जा रहा है। बड़ी बात ये है कि स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों ने किसी भी मौत से साफ इंकार कर दिया। जो मौतें हुई हैं उन्हें उन्होंने सामान्य मौतें बताईं।
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से कॉलोनी में सप्लाई हो रहा पानी गंदा आ रहा था, लेकिन शिकायतों के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब एक के बाद एक लोग बीमार होने लगे तो मामला गंभीर हो गया। गांव में स्वास्थ्य अमले की मौजूदगी से फिलहाल लोगों में कुछ राहत जरूर है, लेकिन भय का माहौल अभी भी बना हुआ है। प्रशासन ने पेयजल के वैकल्पिक इंतजाम के साथ-साथ स्वच्छता अभियान शुरू करने की बात कही है। फिलहाल सभी ग्रामीणों को उबला हुआ पानी पीने की सलाह दी गई है और मेडिकल टीम लगातार निगरानी में जुटी हुई है।
डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदगी के बीच व्हाइट हाउस के पास गोलीबारी, सीक्रेट सर्विस ने हमलावर को मार गिराया
भारत ने डेब्यूटेंट मानव सुथार पर जताया भरोसा, अफगानिस्तान के खिलाफ मिला मौका
कर्मचारियों को बड़ा तोहफा: महंगाई भत्ते में 2% वृद्धि, जानें किसे मिलेगा फायदा
आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे से पहले टीम इंडिया में बड़े बदलाव के संकेत
कर्नाटक सरकार का नया नियम, ऐप के जरिए होगी उपस्थिति की निगरानी
सूरत की धरती से पीएम मोदी की हुंकार, कांग्रेस शासित राज्यों की बदहाली का किया दावा
पहचान मिटाने की चीनी साज़िश: स्वायत्तता के नाम पर तिब्बत का जबरन सांस्कृतिक रूपान्तरण
‘है जवानी तो इश्क होना है’ की शानदार शुरुआत, क्या ‘बंदर’ और ‘पेद्दी’ रह गईं पीछे?
राजनैतिक रार में राबड़ी देवी का कड़ा रुख, सरकारी सुरक्षा लेने से किया साफ इनकार
रेत तस्करी रोकने की कार्रवाई के बीच बड़ा हादसा, वनरक्षक बाल-बाल बचे